गंगासागर मेले को मिले राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान, ‘वंदे मातरम’ के सम्मान के लिए बने कानून: जगन्नाथ सरकार

नादिया, 18 जुलाई . BJP MP जगन्नाथ Government ने गंगासागर मेले को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान देने की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने वंदे मातरम के सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित कानून का समर्थन करते हुए कहा कि राष्ट्र के सम्मान और अखंडता के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता.

जगन्नाथ Government ने से बातचीत में कहा कि गंगासागर मेला केवल पश्चिम बंगाल का आयोजन नहीं है; यह पूरे देश की आस्था का प्रतीक है. इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों, भाषाओं और समुदायों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. अनेक लोगों की जीवनभर यह इच्छा रहती है कि वे कम से कम एक बार गंगासागर की यात्रा अवश्य करें. इसकी धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ता को देखते हुए गंगासागर मेले को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान और सम्मान मिलना चाहिए.

मतदाता सूची के संशोधन को लेकर Supreme Court के फैसले का स्वागत करते हुए BJP MP ने कहा कि यदि किसी नागरिक का नाम किसी कारणवश मतदाता सूची से छूट गया है, तो इससे उसकी नागरिकता समाप्त नहीं हो जाती. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को दोबारा आवेदन करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए और Government के पास ऐसे प्रभावी तंत्र होने चाहिए, जिनके माध्यम से देश के वास्तविक और वैध नागरिकों की पहचान सुनिश्चित की जा सके.

वंदे मातरम के सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित कानून पर जगन्नाथ Government ने कहा कि देश में रहकर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों या राष्ट्र के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है. ऐसे में यदि कोई इसके सम्मान में बाधा डालता है या इसका अपमान करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. राष्ट्र की एकता, अखंडता और सम्मान को बनाए रखने के लिए सख्त कानून समय की आवश्यकता है और इस दिशा में केंद्र Government का कदम उचित है.

आम आदमी पार्टी (आप) को लेकर Prime Minister Narendra Modi की टिप्पणी पर BJP MP ने कहा कि Prime Minister मोदी ने जो बातें कही हैं, वे पूरी तरह सही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार में लिप्त रही है और इसके समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं. यदि कोई इन आरोपों को गलत साबित करना चाहता है, तो उसे तथ्यों और सबूतों के साथ सामने आना चाहिए. जनता के सामने सच्चाई रखना लोकतंत्र का हिस्सा है और भ्रष्टाचार के मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए. राष्ट्रहित, राष्ट्रीय सम्मान और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.