जगन ने विशाखापत्तनम हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपए की अतिरिक्त मुआवजा राशि की मांग की

विशाखापत्तनम, 10 जून . आंध्र प्रदेश के पूर्व Chief Minister और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने Wednesday को विशाखापत्तनम स्टील प्लांट हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपए की अतिरिक्त मुआवजा राशि की मांग की.

उन्होंने कहा कि मृतकों के परिवारों को जो मुआवजा मिलना चाहिए, उसके अलावा 1 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि और एक नौकरी भी मिलनी चाहिए. जगन मोहन रेड्डी अस्पताल में इलाज करा रहे घायलों से मिलने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे.

जगन ने कहा कि Government 1.72 करोड़ रुपए के मुआवजा पैकेज का दावा कर रही है. हालांकि, उन्होंने बताया कि यह राशि पीड़ितों का बीमा और अन्य लाभों के रूप में मिलने वाला हक है. Government को उस राशि के अलावा 1 करोड़ रुपए अतिरिक्त देने चाहिए और प्रत्येक मृतक कर्मचारी के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देनी चाहिए. इस पैकेज में पीएम राहत कोष और राज्य के हिस्से से मिली थोड़ी सी राशि शामिल है.

उन्होंने कहा कि इस धमाके में नौ लोगों की जान चली गई और पांच घायल लोगों का इलाज चल रहा है, जिनमें से एक की हालत गंभीर है और वह 95 प्रतिशत तक जल गया है. Government को मानवता दिखानी चाहिए और एलजी पॉलिमर्स घटना के दौरान अपनाए गए उदाहरण का पालन करते हुए 1 करोड़ रुपए का मुआवजा देना चाहिए.

Government विशाखापत्तनम स्टील प्लांट (वीएसपी) के लिए 11,440 करोड़ रुपए के पैकेज का दावा कर रही है, लेकिन यह राशि सुरक्षा मानकों या कर्मचारियों के कल्याण को बेहतर बनाने के लिए नहीं है. इसके बजाय, इसका मकसद वीआरएस के जरिए कर्मचारियों की संख्या कम करना, बैंक का बकाया चुकाना और ऐसे ही अन्य उपाय करना है.

उन्होंने मांग करते हुए कहा कि यह घटना लिक्विड मेटल ब्लास्ट के कारण हुई थी और इसमें कर्मचारियों की कोई गलती नहीं थी, इसलिए अतिरिक्त मुआवजा दिया जाना चाहिए.

उन्होंने पेंटियाह के परिवार के लिए भी इसी तरह के लाभ की मांग की, जो अप्रैल 2025 में इसी तरह की परिस्थितियों में मारे गए थे. हालांकि परिवार को मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कुछ नहीं किया गया है.

वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने यह भी मांग की कि गठबंधन Government विधानसभा में वीएसपी के निजीकरण के किसी भी कदम का विरोध करते हुए एक प्रस्ताव पास करे. जैसा कि वाईएसआरसीपी सकार ने पहले किया था.

उन्होंने बताया कि वाईएसआरसीपी Government ने Prime Minister को पत्र लिखकर निजीकरण का विरोध किया था और स्टील प्लांट को बचाने और उसे मुनाफे वाली यूनिट बनाने के उपाय भी सुझाए थे.

गठबंधन Government कर्मचारियों को नजरअंदाज कर रही है और चंद्रबाबू नायडू के कार्यकाल में कर्मचारियों की संख्या 28,000 से घटकर 16,000 रह गई है.

उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर 10,500 कर्मचारियों को छंटनी वीआरएस या रिटायरमेंट के जरिए नौकरी से हटा दिया गया.

उन्होंने आरोप लगाया कि मैनेजमेंट कर्मचारियों पर वीआरएस लेने के लिए दबाव डाल रहा है और उसने मेडिकल सुविधाओं, एचआरए, एलटीए बोनस और अन्य सहित कई सुविधाओं में कटौती की है. इसने क्वार्टर में बिजली का खर्च भी 0.50 रुपए प्रति यूनिट से बढ़ाकर 8.50 रुपए प्रति यूनिट कर दिया है.

डीकेएम/डीकेपी