ट्रंप-मेलोनी विवाद पर इटली सरकार एकजुट, उपप्रधानमंत्री साल्विनी ने किया अपनी पीएम का बचाव

रोम, 20 जून . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों से वाशिंगटन और रोम के बीच कूटनीतिक तनाव पैदा हो गया है. इस सबके बीच इटली के उपPrime Minister और बुनियादी ढांचा मंत्री मातियो साल्विनी ने Saturday को Prime Minister जॉर्जिया मेलोनी का बचाव किया और Government के प्रति एकजुटता दोहराई.

मिलान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान साल्विनी ने कहा, “मैं सिर्फ इतना दोहरा सकता हूं कि जो Prime Minister पर हमला करता है, वह पूरी Government और पूरे इटली पर हमला करता है. हालांकि इससे दोनों मित्र देशों और उनकी जनता के बीच संबंध प्रभावित नहीं होंगे.”

यह विवाद तब शुरू हुआ जब ट्रंप ने आरोप लगाया कि मेलोनी ने जी-7 शिखर सम्मेलन में उनके साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए “मिन्नतें की थीं” और वह होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दे पर “अनुपस्थित” रहीं.

ट्रंप ने कहा था, “वह मेरी समर्थक थीं, लेकिन अब मैं उन्हें पसंद नहीं करता.”

इस पर मेलोनी ने social media पर जवाब देते हुए तस्वीर से जुड़े दावों को “पूरी तरह मनगढ़ंत” बताया और सहयोगी देशों के प्रति अमेरिकी President के रवैये पर आश्चर्य जताया.

विवाद बढ़ने के बाद इटली के President सर्जियो मैटारेला ने मेलोनी के प्रति एकजुटता व्यक्त की. वहीं, विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने अपनी अमेरिका यात्रा रद्द कर दी.

ताजानी ने एक्स पर लिखा, “President ट्रंप के Prime Minister जॉर्जिया मेलोनी के प्रति गंभीर और अपमानजनक शब्द पूरे इटली का अपमान हैं. इसी कारण मैंने 21 और 22 जून को प्रस्तावित अपनी अमेरिका यात्रा रद्द करने का फैसला किया है.”

रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने इटली के टीवी कार्यक्रम ‘एल’आरिया चे तिरा’ को दिए एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में कहा, “जॉर्जिया मेलोनी ने मेरे साथ फोटो खिंचवाने की भीख मांगी थी. वह मेरे साथ तस्वीर चाहती थीं. मैं शायद ऐसा नहीं करता, लेकिन मुझे उन पर तरस आ गया.”

इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने संवाददाता से पूछा, “आपकी Prime Minister कैसी हैं?”

जब उनसे एवियन शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी के साथ हुई बातचीत पर टिप्पणी मांगी गई तो उन्होंने जवाब दिया, “शायद वह खुश हैं कि मैंने उनसे बात की. मुझ पर उनसे बात करने की कोई बाध्यता नहीं थी.”

ट्रंप ने आगे कहा कि यूरोप ने ऊर्जा और आव्रजन दोनों मुद्दों पर गंभीर गलतियां की हैं.

उन्होंने कहा, “यूरोपियों ने ऊर्जा नीति पर सब कुछ गलत किया और आव्रजन पर भी सब कुछ गलत किया. अगर वे इन समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं, तो यूरोप कभी पहले जैसा नहीं रहेगा.”

केआर/