लाल किले से युवाओं को ‘दिमागी नक्सल’ कहना दुर्भाग्यपूर्ण, हमें देशभक्ति सिखाने की जरूरत नहीं: नाना पटोले

नागपुर, 18 अगस्त . पीएम मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण और ‘वंदे मातरम’ विवाद पर कांग्रेस नेता नाना पटोले की प्रतिक्रिया सामने आई है.

से बातचीत करते हुए ‘वंदे मातरम’ को लेकर नाना पटोले ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ दो ही स्टेप में गाया जाता है, लेकिन जिस तरह से भाजपा खुद को देशभक्त बता रही है, उससे ज्यादा Prime Minister के भाषण पर ध्यान देना चाहिए. लाल किले पर वे देश के Prime Minister के तौर पर भाषण दे रहे थे. लाल किले से जब देश के Prime Minister भाषण देते हैं, तो दुनिया को संदेश जाता है लेकिन देश के युवाओं को उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ बोला है.

नाना पटोले ने कहा कि भाजपा को हमें देश प्रेम पढ़ाने की जरूरत नहीं है. जिस तरह से जेन-जी ने इनको परेशान किया है, क्योंकि पहले उन्होंने बच्चों को परेशान किया था. 12 वर्षों में देश को बर्बाद कर दिया, युवाओं का भविष्य अंधकारमय कर दिया. इसलिए पूरे देश के युवा जागृत हुए और इनका जीना मुहाल कर दिया है. कांग्रेस पर आरोप लगाकर मूल मुद्दे को डायवर्ट करने की कोशिश की जा रही है.

नाना पटोले ने कहा कि जेन-जी को गटर भी बोला गया है. छात्रों के जख्म पर जिस तरह से भाजपा Government की ओर से नमक छिड़कने का काम किया जा रहा है, उतना ही इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे. राहुल गांधी को कोर्ट से राहत मिलने पर नाना पटोले ने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट की ओर से राहुल गांधी के पक्ष में निर्णय दिया गया है.

बीते दिन कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा था, “राहुल गांधी के खिलाफ दर्जनों First Information Report दर्ज की गई हैं. भाजपा ने हमेशा उन्हें निशाना बनाया है और भाजपा उनसे डरती है लेकिन अब इन सब का कोई फायदा नहीं हो रहा है. वे राहुल गांधी को बदनाम करने और उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने की जितनी ज्यादा कोशिश करते हैं, राहुल गांधी उतने ही मजबूत होकर उभरते हैं.”

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