
New Delhi, 8 मई . तमिलनाडु में नई Government के गठन को लेकर जारी खींचतान के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने विधानसभा चुनावों में किसी भी पार्टी या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत न मिलने की स्थिति पर बड़ा बयान दिया है. social media प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट में उन्होंने Governor की संवैधानिक जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया.
उन्होंने कहा कि अगर किसी भी Political दल या गठबंधन को विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत नहीं मिलता है, तो Governor का कर्तव्य होता है कि वह सदन में सबसे बड़े दल के नेता को Government बनाने के लिए आमंत्रित करे.
चिदंबरम ने एक्स पर लिखा, “अगर विधानसभा चुनाव में किसी भी Political गठबंधन या पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता है, तो Governor की क्या जिम्मेदारी होती है? निर्वाचित सदस्यों की संख्या के आधार पर सबसे बड़ी पार्टी के नेता को Government बनाने के लिए बुलाया जाना चाहिए. यह एक Political नियम और संसदीय परंपरा है.”
उन्होंने कहा कि विधानसभा ही वह उचित मंच है, जहां संबंधित पार्टी का नेता यह साबित कर सकता है कि उसके पास बहुमत का समर्थन है. इस संदर्भ में उन्होंने Supreme Court के 1994 के ऐतिहासिक फैसले [1994 (3) एससीसी 1] का भी उल्लेख किया. कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि वह तमिलनाडु की उन Political पार्टियों की सराहना करते हैं, जिन्होंने इस नियम को स्पष्ट किया और इस पर जोर दिया.
बता दें कि तमिलनाडु में इस बार किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है. Actor-राजनेता विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (टीवीके) ने 108 सीटें जीती हैं, लेकिन Government बनाने के लिए उसे अभी कम से कम 10 और विधायकों के समर्थन की जरूरत है. बहुमत का आंकड़ा नहीं होने के कारण Governor ने विजय को अभी Government बनाने का अवसर नहीं दिया है.
वहीं, कांग्रेस ने विजय की पार्टी टीवीके को Government गठन के लिए समर्थन देने का औपचारिक ऐलान पहले ही कर दिया है.
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पीआईएम/एएस
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