लंबे घंटे पढ़ने से बेहतर है रोजाना नियमित पढ़ाई करें: सीयूईटी(यूजी) टॉपर देविना गहलोत

New Delhi, 23 जून . कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) अंडरग्रेजुएट (यूजी) 2026′ में ऑल इंडिया रैंक 1 लाने वाली देविना गहलोत ने कहा कि कई घंटे पढ़ने से बेहतर है रोजाना नियमित पढ़ाई करें और बीच-बीच में ब्रेक लेना भी जरूरी है ताकि आप तरोताजा होकर आगे पढ़ सकें.

देविना गहलोत ने पूरे देश में सबसे अधिक एनटीए स्कोर प्राप्त किया है. से बातचीत में देविना ने कहा, “बहुत खुशी हो रही है. पता था कि पेपर अच्छा गया है, लेकिन उम्मीद नहीं थी कि ऑल इंडिया नंबर-1 आऊंगी.

देविना ने अपने परिवार और शिक्षकों का आभार जताते हुए कहा, “मेरे परिवार और शिक्षकों के सहयोग के बिना यह सफलता हासिल करना आसान नहीं था.

शुरुआती संघर्ष पर देविना ने कहा कि शुरुआत में थोड़ी दिक्कत जरूर हुई थी. लगता था कि नहीं हो पाएगा, लेकिन जब पढ़ना शुरू किया तो आत्मविश्वास जगा. लंबे घंटे पढ़ने से बेहतर है कि रोजाना नियमित पढ़ाई करें. थोड़ा रिवीजन और ब्रेक लेना भी जरूरी है.

देविना को साहित्य में गहरी रुचि है. उन्होंने बताया, “मुझे लिटरेचर बहुत पसंद है. लिखना और पढ़ना मेरा शौक है.” वे अंग्रेजी विषय से ऑनर्स करने के बारे में सोच रही हैं.

देविना के पिता और भाजपा विधायक कैलाश गहलोत ने बेटी की सफलता पर एक भावुक पोस्ट एक्स पर साझा किया.

उन्होंने लिखा कि बहुत गर्व और आभार के साथ हम यह बताना चाहते हैं कि हमारी छोटी बेटी देविना गहलोत ने ‘कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) अंडरग्रेजुएट (यूजी) 2026’ ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है और देश में सबसे ज्यादा एनटीए स्कोर प्राप्त किया है. यह शानदार उपलब्धि उसकी कड़ी मेहनत, अनुशासन, लगन और बेहतरीन प्रदर्शन के प्रति उसके अटूट समर्पण को दिखाती है. हम उसके शिक्षकों, मेंटर्स और दिल्ली पब्लिक स्कूल, वसंत कुंज के पूरे समुदाय का आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने उसकी जिज्ञासा को जगाया, उसकी क्षमता को निखारा और उसे सही राह दिखाई. साथ ही मेरी पत्नी मौशमी के अटूट सहयोग और उसकी बड़ी बहन जाह्नवी के लगातार प्रोत्साहन के लिए भी धन्यवाद, जो हर कदम पर उसकी ताकत का सहारा बनी रहीं. बधाई हो, देविना. समर्पण और कड़ी मेहनत से तुम्हारे सपनों को सच होते देखना वाकई बहुत खास रहा है और हमें तुम पर बहुत गर्व है. तुम हमेशा विनम्रता और मकसद के साथ सीखती रहो, आगे बढ़ती रहो और नई ऊंचाइयां हासिल करती रहो.

डीकेएम/