मानसून सत्र में नीट पेपर लीक, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर चर्चा हो: आनंद दुबे

Mumbai , 18 जुलाई . शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र को लेकर कहा कि इस बार सदन में देश से जुड़े अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए. संसद का समय जनता के टैक्स के पैसे से चलता है, इसलिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है कि सदन सुचारु रूप से चले और जनहित के मुद्दों पर सार्थक बहस हो.

समाचार एजेंसी से बातचीत में आनंद दुबे ने कहा कि आगामी मानसून सत्र में नीट पेपर लीक, बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार, राम मंदिर में चोरी की घटना और वैश्विक स्तर पर बन रहे युद्ध जैसे हालात प्रमुख मुद्दे होने चाहिए. ऐसे समय में India की विदेश नीति और कूटनीतिक रणनीति पर भी संसद में व्यापक चर्चा होनी चाहिए.

उन्होंने Lok Sabha अध्यक्ष और संसदीय कार्य मंत्री से अपील करते हुए कहा कि उनकी जिम्मेदारी है कि संसद बिना किसी व्यवधान के चले. करोड़ों रुपए जनता के टैक्स से संसद के संचालन पर खर्च होते हैं, इसलिए यह धन व्यर्थ नहीं जाना चाहिए. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि चूंकि यह मानसून सत्र है, इसलिए ऐसा न हो कि बाद में कहा जाए कि सब कुछ ‘मानसून के पानी में बह गया.’ यदि संसद सकारात्मक माहौल में चलेगी तो जनता के हित में महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकेंगे और लोकतंत्र में लोगों का विश्वास और मजबूत होगा.

Actor आमिर खान को कथित तौर पर गैंगस्टर की ओर से मिली धमकी पर आनंद दुबे ने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति को धमकी मिलती है तो उसे तुरंत Police के पास जाना चाहिए. कानून अपना काम करेगा और Police यह जांच करेगी कि धमकी किसने, क्यों और किस उद्देश्य से दी है. इससे पहले Actor सलमान खान को भी धमकियां मिली थीं और बाबा सिद्दीकी की दिनदहाड़े हत्या जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं. ऐसे मामलों से यह स्पष्ट होता है कि Government को यह पता लगाना चाहिए कि लगातार इस प्रकार की धमकियां क्यों मिल रही हैं और इनके पीछे कौन लोग हैं. यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई और गिरफ्तारी होनी चाहिए.

आनंद दुबे ने कहा कि पहले 1990 के दशक में दाऊद इब्राहिम के डी-गैंग और बाद में अन्य अपराधी गिरोह धमकियां देते थे. यदि Government यह दावा करती है कि बड़े अपराधी गिरोह समाप्त हो चुके हैं, तो फिर इस तरह की नई धमकियां कहां से आ रही हैं और इनके पीछे कौन लोग हैं, इसका जवाब Government और कानून-व्यवस्था से जुड़े तंत्र को देना चाहिए. आम नागरिक के तौर पर लोग केवल Police को सूचना दे सकते हैं, उसके बाद कार्रवाई करना Police और प्रशासन की जिम्मेदारी है.

जालंधर में Prime Minister Narendra Modi द्वारा आम आदमी पार्टी को ‘कट्टर बेईमान पार्टी’ कहे जाने पर आनंद दुबे ने कहा कि पंजाब में चुनाव होने वाले हैं और ऐसे समय में भाजपा Political जमीन मजबूत करने का प्रयास कर रही है. पंजाब में आम आदमी पार्टी की Government है, इसलिए Prime Minister का विपक्ष पर हमला करना Political प्रक्रिया का हिस्सा है. जिस प्रकार भाजपा विपक्ष पर हमला करती है, उसी प्रकार विपक्ष भी भाजपा की आलोचना करता है. लोकतंत्र में पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप सामान्य Political प्रक्रिया है.

उद्धव ठाकरे के ‘राम रक्षा आंदोलन’ पर उन्होंने कहा कि Maharashtra में सदियों से राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ होता आया है. रीराम मंदिर में चोरी की घटना से श्रद्धालुओं के मन में दुख और आक्रोश है. भगवान राम से यही प्रार्थना है कि दोषियों को सजा मिले और ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था बने जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हों. भगवान राम और हनुमान की आराधना करना हर व्यक्ति का अधिकार है और इस पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता.

भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई यह मानता है कि केवल वही हिंदुत्व या भगवान राम की बात कर सकता है, तो यह उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) और उद्धव ठाकरे हमेशा भगवान राम के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते रहे हैं. दुबे ने आगे कहा कि Chief Minister बनने के बाद उद्धव ठाकरे अयोध्या गए थे. वर्ष 2022 में Maharashtra की तत्कालीन शिवसेना नेतृत्व वाली टीम भी अयोध्या पहुंची थी. वहीं, 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रण नहीं मिलने पर शिवसेना (यूबीटी) के नेता नासिक के कालाराम मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे. भगवान राम की आराधना किसी Political दल की नहीं, बल्कि पूरे समाज की आस्था का विषय है और हर व्यक्ति को उनकी पूजा-अर्चना करने का समान अधिकार है.