इजरायली रक्षा मंत्री ने लेबनान को दी चेतावनी, ‘अगर सीजफायर उल्लंघन नहीं रुका तो होगी कार्रवाई’

यरूशलम, 21 अप्रैल . इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने Tuesday को चेतावनी दी कि अगर लेबनान Government संघर्ष-विराम समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में लगातार विफल रहती है, तो इजरायली सेना पूरी ताकत से सैन्य कार्रवाई करेगी.

सिंहुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, यरूशलम के माउंट हर्जल पर शहीद सैनिकों के सम्मान में आयोजित राष्ट्रीय मेमोरियल डे समारोह में काट्ज ने कहा कि “लेबनान में हमारे अभियान का अंतिम लक्ष्य हिज्बुल्लाह को निशस्त्र करना और सैन्य और Political तरीकों के मेल से इजरायल के उत्तरी समुदायों से खतरे को हटाना है.”

इजरायल रक्षा बल (आईडीएएफ) ने Tuesday को कहा कि आतंकवादियों ने फॉरवर्ड डिफेंस एरिया के भीतर आईडीएफ सैनिकों के करीब पहुंच संघर्ष विराम की शर्तों का उल्लंघन किया है. ये लोग बिंत जबील और लिटानी पहुंचे थे.

आईडीएफ ने कहा कि खतरे को भांपते हुए उन पर हमला किया और मार डाला.

द टाइम्स ऑफ इजरायल ने बताया कि लिटानी नदी के पास हिज्बुल्लाह के कई गुर्गे देखे गए.

इजरायली वायु सेना (आईएएफ) ने उन गुर्गों की पहचान होने के कुछ ही समय बाद “हमला किया और मार गिराया.”

इस बीच, Tuesday को लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी ने President जोसेफ आउन के हवाले से बताया कि शत्रुता को समाप्त करने के उद्देश्य से की जा रही बातचीत का मतलब आत्मसमर्पण नहीं है, बल्कि यह संघर्षों को सुलझाने का एक साधन है.

आउन ने ये टिप्पणियां बाबदा पैलेस में जेजीन जिले के सांसदों और स्थानीय नगरपालिका प्रमुखों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान कीं.

उन्होंने कहा, “बातचीत का मतलब हार मानना ​​या झुकना नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य समस्याओं को हल करना है,” और युद्ध से थके हुए लेबनानी लोगों के लिए “अपने देश के साथ खड़े होने” की आवश्यकता पर जोर दिया.

उन्होंने कहा कि बातचीत में शामिल होने का निर्णय अधिकारों की रक्षा को लेकर दृढ़ प्रतिबद्धता से जुड़ा है. दक्षिण में पीड़ित आबादी की मदद के लिए अंतर्राष्ट्रीय पक्षों और मानवीय संगठनों के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए स्थिरता बनाए रखने के लिए लेबनानी सेना, सुरक्षा बलों, नगर पालिकाओं और निवासियों के बीच समन्वय के महत्व पर भी जोर दिया.

केआर/