हम ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार : इजरायली सेना प्रमुख

यरूशलम, 25 मई . इजरायली सेना प्रमुख ने कहा है कि सेना जरूरत पड़ने पर ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में कुछ प्रगति होने की खबरें सामने आई हैं.

इजरायल की सेना ने एक बयान में बताया कि सेना प्रमुख जनरल अयाल जमिर ने Sunday को उत्तरी कमान में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के दौरान यह बात कही.

जमिर ने कहा कि इजरायली सेना “तुरंत और बड़े स्तर पर सैन्य अभियान फिर से शुरू करने के लिए तैयार है.” उन्होंने कहा कि सेना का लक्ष्य ईरान की क्षमताओं को और कमजोर करना है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने तक सेना पूरी तैयारी और लचीलापन बनाए रखेगी.

सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने को लेकर बातचीत चल रही है. हालांकि, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच अब भी मतभेद बने हुए हैं.

इन घटनाक्रमों के बीच इजरायल के Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू की सुरक्षा कैबिनेट की बैठक भी Sunday शाम को होने की संभावना जताई गई.

सेना प्रमुख जमिर ने यह भी कहा कि इजरायली सेना लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. उनके मुताबिक, सेना हर स्तर पर हिज्बुल्लाह को निशाना बना रही है.

इजरायल और लेबनान के बीच अप्रैल में युद्धविराम की घोषणा हुई थी, लेकिन इसके बावजूद इजरायली सेना अब तक दक्षिणी लेबनान से पूरी तरह पीछे नहीं हटी है. इजरायल का कहना है कि वह हिज्बुल्लाह के ठिकानों और लड़ाकों को निशाना बनाकर रोजाना हमले कर रहा है.

इस बीच Prime Minister नेतन्याहू ने Sunday को कहा कि उनकी और अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप की इस बात पर सहमति बनी है कि ईरान से जुड़े किसी भी अंतिम समझौते में परमाणु खतरे को पूरी तरह खत्म करना जरूरी होगा.

नेतन्याहू ने social media मंच एक्स पर लिखा कि उन्होंने President ट्रंप से होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने से जुड़े समझौते और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर होने वाली आगामी वार्ता को लेकर बातचीत की.

उन्होंने इजरायल की सुरक्षा के प्रति ट्रंप की “अटूट प्रतिबद्धता” के लिए उनका आभार भी जताया. नेतन्याहू ने कहा कि “ऑपरेशन रोअरिंग लॉयन” और “एपिक फ्यूरी” जैसे अभियानों के दौरान अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने मिलकर ईरानी खतरे का सामना किया.

नेतन्याहू ने कहा कि उनकी और ट्रंप की राय है कि ईरान के साथ किसी भी अंतिम समझौते में उसके परमाणु खतरे को पूरी तरह खत्म किया जाना चाहिए. इसके तहत ईरान के परमाणु संवर्धन केंद्रों को बंद करना और उसके पास मौजूद संवर्धित परमाणु सामग्री को देश से हटाना शामिल होना चाहिए.

एएस/