कैबिनेट की मंजूरी के बाद इजरायल ने सोमालीलैंड में नियुक्त किया पहला राजदूत

यरुशलम/तेल अवीव, 26 अप्रैल . इजरायली कैबिनेट ने Sunday को माइकल लोटेम को सोमालीलैंड के लिए देश का पहला राजदूत नियुक्त करने को मंजूरी दे दी, जिससे हॉर्न ऑफ अफ्रीका क्षेत्र में नया कूटनीतिक विवाद खड़ा हो सकता है. इजरायली मीडिया आउटलेट जेएनएस ने इसकी जानकारी दी.

विदेश मंत्री गिदोन सार ने 15 अप्रैल को लोटेम के नाम की घोषणा की थी. लोटेम एक वरिष्ठ राजनयिक हैं और अगस्त 2025 तक केन्या, युगांडा, तंजानिया, मलावी और सेशेल्स में राजदूत के रूप में सेवाएं दे चुके हैं. इसके अलावा वे अजरबैजान और कजाकिस्तान में भी इजरायल का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नियुक्ति फिलहाल “नॉन-रेजिडेंट” (वहां निवास नहीं होगा) होगी और लोटेम यरुशलम में रहते हुए ही सोमालीलैंड के साथ द्विपक्षीय संबंधों को संभालेंगे.

सोमालीलैंड, 1991 में सोमालिया से अलग हुआ और खुद को आजाद देश घोषित कर दिया था. इसे अब तक अधिकांश देशों ने मान्यता नहीं दी है. ऐसे में इजरायल का यह कदम क्षेत्रीय राजनीति में संवेदनशील माना जा रहा है.

सोमालिया ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है. सोमालिया गार्डियन ने सोमालियाई विदेश मंत्रालय के हवाले से कहा कि वह अपने क्षेत्र के किसी भी हिस्से को कूटनीतिक मान्यता देने की कोशिशों को “सिरे से खारिज” करता है और ऐसे कदम क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर कर सकते हैं.

इस बीच, कई मुस्लिम बहुल देशों—जिनमें सऊदी अरब, तुर्की, मिस्र, बांग्लादेश, Pakistan, और इंडोनेशिया जैसे देश शामिल हैं—ने भी संयुक्त बयान जारी कर इजरायल के इस कदम की निंदा की और इसे सोमालिया की संप्रभुता का “स्पष्ट उल्लंघन” बताया.

उल्लेखनीय है कि इजरायल ने 26 दिसंबर 2025 को सोमालीलैंड को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की घोषणा की थी. Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू ने तब कहा था कि उनका देश कृषि, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी और अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में सोमालीलैंड के साथ सहयोग बढ़ाने की योजना बना रहा है.

केआर/