
New Delhi, 18 अगस्त . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने Monday को घोषणा की कि India के 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने शहजाद भट्टी मॉड्यूल को पूरी तरह से खत्म कर दिया है.
उन्होंने बताया कि 14 राज्यों में चलाए गए समन्वित अभियानों के जरिए इस नेटवर्क के 200 से ज्यादा सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है.
जांच में शामिल अधिकारियों ने कहा कि भट्टी मॉड्यूल उनके सामने आए सबसे मुश्किल मॉड्यूलों में से एक था. जिस आसानी से वह भारतीय युवाओं की भर्ती कर रहा था, वह चिंताजनक था.
अधिकारी ने बताया कि इस मॉड्यूल को खत्म करना इसलिए मुश्किल था क्योंकि यह बहुत जटिल था. भट्टी युवाओं को अपनी बातों में फंसाने में कामयाब रहा और बहुत कम पैसे देकर अपने साथ जोड़ लेता था. आईएसआई द्वारा India में एक बड़ा मॉड्यूल चलाने के लिए चुने जाने से पहले भट्टी एक इन्फ्लुएंसर था. वह युवाओं को आसानी से अपने साथ जुड़ने के लिए मना लेता था.
इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने कहा, “भट्टी की खासियत social media पर युवाओं की पहचान करना थी. युवा सिर्फ पैसे के लालच में उसके साथ नहीं जुड़ते थे. वह और उसके साथी social media पर उनसे लंबी बातचीत करते थे और उनकी सोच को समझते थे. वह उनकी समस्याओं, असुरक्षाओं और आर्थिक स्थिति जैसी चीजों को जल्दी ही भांप लेता था.”
अधिकारी ने कहा कि असल में, वह संभावित रंगरूटों के मन की गहराई तक जाता था. इसी तरह उन्हें अपने साथ जोड़ने से पहले उनकी भावनाओं को समझता था.
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि भट्टी मॉड्यूल के बारे में एक और चिंताजनक बात इसकी तेजी से बढ़ने की रफ्तार थी. बहुत कम समय में ही भर्तियां कर ली गईं और काम सौंप दिए गए.
शुरू में ऐसा लगा कि यह मॉड्यूल सिर्फ निगरानी पर ध्यान दे रहा है. बहुत जल्द एजेंसियों को पता चला कि यह कोई आम निगरानी नहीं थी. भट्टी और उसके साथियों ने महत्वपूर्ण और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर सोलर-पावर्ड cctv कैमरे लगा दिए थे. Pakistan में अपने आकाओं को लाइव फीड भेजना शायद अपनी तरह का पहला मामला था.
इसके अलावा, भट्टी युवाओं को टारगेटेड किलिंग, आतंकी हमले करने और हथियार व नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए भी भर्ती कर रहा था. यह मॉड्यूल सिर्फ एक काम पर केंद्रित नहीं था. एजेंसियों के लिए यह पता लगाना एक बड़ी चुनौती थी कि यह मॉड्यूल असल में क्या कर रहा है.
भट्टी ने जो रणनीति अपनाई थी, उससे साफ पता चलता था कि उसका मकसद कई तरह की रणनीतियां अपनाकर एजेंसियों को भ्रमित करना था. cctv मॉड्यूल को खत्म करना चुनौती का एक हिस्सा था, जबकि दूसरा हिस्सा रेलवे स्टेशनों और अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर सुरक्षा के बुनियादी ढांचे को बदलना था, जहां से Pakistan को लाइव फीड भेजी जा रही थी.
अधिकारी ने बताया कि बहुत कुछ बदलना पड़ा था और साथ ही यह भी कहा कि जब तक इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ, तब तक काफी लाइव फीड भेजी जा चुकी थी. सुरक्षा एजेंसियों ने कई हाई-लेवल मीटिंग्स कीं, जिनकी अध्यक्षता गृह मंत्रालय ने की.
गृह मंत्री का संदेश साफ था कि इस मॉड्यूल को जल्द से जल्द खत्म करना सबसे जरूरी काम है. एजेंसियों को पूरी छूट दी गई और इससे भी जरूरी बात यह है कि गृह मंत्रालय ने यह पक्का किया कि 14 राज्यों की Police के बीच तालमेल बेहतर रहे.
अधिकारी ने कहा कि गृह मंत्रालय की इसी बेहतरीन तालमेल और निगरानी की वजह से हाल के समय में India के सबसे बड़े मॉड्यूल्स में से एक का भंडाफोड़ हो सका.
एक अधिकारी ने बताया कि अगला कदम भट्टी को ‘गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम’ (यूएपीए) के तहत नामित करना होगा. राज्य और केंद्रीय एजेंसियों से बातचीत के बाद उसे हिरासत में लेने का प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेजा गया है. यह एक अहम कदम है, जिसका मकसद भट्टी को अपना दायरा बढ़ाने से रोकना है.
एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद, अगला कदम इंटरपोल के साथ तालमेल बिठाना और शहजाद भट्टी के खिलाफ ‘लुक-आउट’ और ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ जारी करवाना होगा. अधिकारी ने कहा कि इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं. लगातार की गई कार्रवाई के चलते 200 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 80 First Information Report दर्ज की गई हैं.
अधिकारी ने आगे कहा कि सुरक्षा एजेंसियां इन मॉड्यूल्स को भट्टी और आईएसआई से जोड़ने वाले पर्याप्त सबूत जुटाने में कामयाब रही हैं, इसलिए इंटरपोल से उसके खिलाफ कार्रवाई करवाने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए.
–
एससीएच/एबीएम
Skip to content