ईशा अंबानी अमेरिका के स्मिथसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट के बोर्ड में शामिल

नई दिल्ली (New Delhi) . भारतीय शीर्ष उद्यमी मुकेश अंबानी की बेटी ईशा आंबानी के खातें में बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई है. अमेरिका के वॉशिंगटन डी सी में स्थित ‘स्मिथसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट’ के बोर्ड में ईशा अंबानी को स्थान दिया गया है. ईशा अंबानी बोर्ड की सबसे युवा सदस्य हैं, बोर्ड में उनकी नियुक्ति 4 वर्ष के लिए की गई है. बोर्ड में ईशा अंबानी के अलावा कैरोलिन ब्रेहम और पीटर किमेलमैन को भी नियुक्त किया गया है. बोर्ड कितना महत्वपूर्ण है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 17 सदस्यीय बोर्ड में अमेरिका के उपराष्ट्रपति, अमेरिका के मुख्य न्यायाधीश, अमेरिकी सीनेट के तीन सदस्य और अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के तीन सदस्य शामिल होते हैं. ईशा अंबानी को ‘स्मिथसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट’ ने भारत में डिजिटल क्रांति का अगुआ बताया है. ईशा रिलायंस जियो इन्फोकॉम की निदेशक हैं. वे जियोप्लेटफॉर्म में निवेश लाने वाली उस टीम का हिस्सा थीं, जिसने फेसबुक के 5.7 अरब डॉलर (Dollar) के सौदे को अंजाम दिया था. फैशन पोर्टल एजियो डॉट कॉम के लॉन्च के पीछे भी ईशा अंबानी थीं और वे ईकॉमर्स वेंचर जियोमार्ट की देखरेख भी करती हैं. उनके पास येल यूनिवर्सिटी और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की डिग्री है और उन्होंने न्यूयॉर्क में मैकिन्से एंड कंपनी में बिजनेस एनालिस्ट के रूप में काम किया है.

1923 में स्थापित ‘स्मिथसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट’ ने अपने असाधारण संग्रह और प्रदर्शनियों, अनुसंधान, कला संरक्षण और संरक्षण विज्ञान की अपनी सदियों पुरानी परंपरा और उत्कृष्टता के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा हासिल की है. म्यूजियम 2023 में अपने शताब्दी वर्ष की तैयारी कर रहा है, ऐसे में नए बोर्ड की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है. संग्रहालय के निदेशक चेस एफ. रॉबिन्सन ने कहा, “संग्रहालय के अपने सहयोगियों की ओर से, मुझे बोर्ड में इन विशिष्ट नए सदस्यों का स्वागत करते हुए बेहद प्रसन्नता हो रही है. मैं नए बोर्ड सदस्यों को बधाई देता हूं. इन प्रतिभाशाली नए सदस्यों के विजन और जुनून हमारे संग्रह और विशेषज्ञता को और अधिक सम्मोहक बनाएंगे. हमारे संग्रह का विस्तार करने और एशियाई कला और संस्कृतियों को समझने के हमारे प्रयासों को और तेज करेंगे.

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