
तेहरान, 3 जुलाई . ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की श्रद्धांजलि सभा में President मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका-इजरायल पर कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस ‘थोपे गए युद्ध’ के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ईरान पूरी ताकत से कार्रवाई करेगा और कानूनी और कूटनीतिक सभी रास्तों का इस्तेमाल करेगा.
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनएस) की रिपोर्ट के अनुसार, दिवंगत नेता अयातुल्लाह खामेनेई को श्रद्धांजलि देने तेहरान पहुंचे चीन, नामीबिया और अफगानिस्तान से आए विशेष प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकातों के दौरान पेजेश्कियन ने अमेरिका और इजरायल पर ईरान के खिलाफ युद्ध थोपने का आरोप लगाया.
पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान पर जो बिना किसी उकसावे के हमला हुआ, वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है. उन्होंने उन देशों का धन्यवाद भी किया जिन्होंने इस हमले की खुलकर निंदा की. इन बैठकों में उन्होंने कहा कि इस हमले में कुछ सैन्य कमांडर, अधिकारी, वैज्ञानिक और आम नागरिकों की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि ईरान इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंचों और संस्थाओं में पूरी गंभीरता से उठाएगा ताकि जिम्मेदार लोगों और उनके समर्थकों को जवाबदेह ठहराया जा सके.
राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान, चीन, नामीबिया और अफगानिस्तान जैसे मित्र और समान सोच रखने वाले देशों के साथ संबंधों को और मजबूत और गहरा करना चाहता है और यह देश की विदेश नीति की एक अहम प्राथमिकता है.
आईआरएनएस के अनुसार, इस श्रद्धांजलि सभा में दुनिया के कई देशों के उच्च अधिकारी और प्रतिनिधि तेहरान पहुंच रहे हैं.
श्रद्धांजलि सभा में इंडोनेशिया और अफगानिस्तान के इस्लामी विद्वान और धार्मिक बुद्धिजीवी भी समारोह में शामिल हुए. इनमें अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद भी मौजूद रहे. लेबनान के अमल मूवमेंट का एक प्रतिनिधिमंडल और सीरिया, लेबनान, इराक तथा मोरक्को के रेजिस्टेंस फ्रंट के प्रतिनिधियों ने भी शहीद नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की.
इसके अलावा स्पेन, इक्वाडोर और बोलीविया के सांस्कृतिक कार्यकर्ता भी इमाम खुमैनी मोसल्ला में पहुंचे और उन्होंने भी दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी.
श्रद्धांजलि सभा Saturday और Sunday को भी जारी रहेगी. इस दौरान पार्थिव शरीर को ग्रैंड मोसल्ला में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. इसके बाद Monday को तेहरान में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी. आगे की रस्में पवित्र शहर कोम में होंगी. इसके बाद इराक के बगदाद, कर्बला और नजफ में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. अंत में नौ जुलाई को मशहद में उन्हें दफन किया जाएगा.
–
एवाई/
Skip to content