ब्रिक्स डीडीआर बैठक में शामिल होने नई दिल्ली पहुंचे ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी

नई द‍िल्‍ली, 23 जुलाई . ब्र‍िक्‍स गृह मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए ईरान के इस्लामी गणराज्य के गृह मंत्री डॉ. एस्कंदर मोमेनी Thursday की शाम को New Delhi पहुंचे. मोमेनी Friday को आयोज‍ित होने वाली इस मंत्रिस्तरीय बैठक में डिजास्टर रिस्क रिडक्शन (डीडीआर) को संबोध‍ित करेंगे.

India की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत, गृह मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीएमए) 24 जुलाई को New Delhi में ब्रिक्स की डिजास्टर रिस्क रिडक्शन (डीडीआर) मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित कर रहा है.

India में ईरान के दूतावास ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट पर लिखा, ”ईरान के इस्लामी गणराज्य के गृह मंत्री डॉ. एस्कंदर मोमेनी Thursday शाम New Delhi पहुंचे. वह ब्र‍िक्‍स गृह मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए India आए हैं. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर India के गृह मंत्रालय के महानिदेशक ने उनका स्वागत किया.”

दूतावास ने बताया क‍ि अपनी यात्रा के दौरान डॉ. मोमेनी ब्र‍िक्‍स गृह मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे और वहां अपनी बात भी रखेंगे. इसके अलावा, वह ब्र‍िक्‍स देशों के कई अन्य मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे. इन बैठकों में आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबला, संगठित अपराध को रोकना, आपदा प्रबंधन, कानून व्यवस्था और सीमा सुरक्षा के क्षेत्र में आपसी और बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी.

दूतावास के अनुसार, ब्र‍िक्‍स गृह मंत्रियों की बैठक का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना, साझा खतरों से निपटने के लिए आपसी तालमेल बढ़ाना और मिलकर काम करने को बढ़ावा देना है.

इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय करेंगे. यह बैठक ब्रिक्स देशों के बीच डिजास्टर रिस्क रिडक्शन पर ब्रिक्स कोऑपरेशन के डेवलपमेंट की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है. इससे यह भी साफ होता है कि अब यह माना जा रहा है कि प्राकृतिक और अन्य आपदाएं सतत विकास, जलवायु से जुड़ी तैयारियों, आर्थिक स्थिरता और लोगों की सुरक्षा पर बड़ा असर डालती हैं.

ब्रिक्स के दस सदस्य देशों के मंत्री और प्रतिनिधिमंडल प्रमुख इस बैठक में हिस्सा ले रहे हैं, जिससे आपदा जोखिम न्यूनीकरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता दिखाई देती है.

ब्रिक्स देशों के बीच डिजास्टर रिस्क रिडक्शन कोऑपरेशन को लेकर सहयोग की शुरुआत 2016 के उदयपुर घोषणा-पत्र से हुई थी. इसमें आपदा प्रबंधन के लिए एक संयुक्त कार्यबल बनाने का फैसला लिया गया था. इसके बाद 2024 के कजान घोषणा-पत्र में ब्रिक्स डिजास्टर रिस्क रिडक्शन ग्रुप (डीआरआरजी) को औपचारिक रूप दिया गया और 2025-2028 के लिए ब्रिक्स डीआरआर कार्य योजना को मंजूरी दी गई.

‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण’ विषय पर आधारित यह मंत्रिस्तरीय बैठक पूरे साल चली तकनीकी चर्चाओं और सदस्य देशों के बीच सहमति बनाने की प्रक्रिया का समापन है.

बैठक के दौरान एडवांसिंग क्लाइमेट-स्मार्ट एंड डिजास्टर रेज‍िलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम्स: पार्टनरशिप्स, इनोवेशन एंड फाइनेंसिंग फॉर रेज‍िलिएंट डेवलपमेंट थीम पर हाई-लेवल पॉलिसी डायलॉग आयोजित किया जाएगा.

एवाई/डीकेपी