स्विट्जरलैंड में बैठक टलने के बाद ईरानी विदेश मंत्रालय का बयान- ‘अमेरिका के साथ नई मीटिंग की बनाई जा रही योजना’

तेहरान, 20 जून . ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि स्विट्जरलैंड में ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के बीच होने वाली मीटिंग टाल दी गई है. आने वाले दिनों में एक और बैठक की योजना बनाई जा रही है.

ईरानी विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, बाघेई ने बताया कि अगले चरण की बातचीत के लिए मध्यस्थ के जरिए सलाह-मशविरा चल रहा है और शर्तें तय होने के बाद नई तारीख की घोषणा की जाएगी.

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हस्ताक्षर किए गए ज्ञापन समझौते के तहत, बातचीत की शुरुआत उन नियमों के लागू होने पर निर्भर करती है, जिसमें लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध और सैन्य ऑपरेशन खत्म करना, अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाना, 60 दिनों के लिए जहाजों के आने-जाने के लिए होर्मुज स्ट्रेट को फिर शुल्क-मुक्त खोलना, अमेरिका द्वारा ईरान के कच्चे तेल, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और डेरिवेटिव्स के एक्सपोर्ट के लिए छूट देना, और ईरान के फ्रीज किए गए एसेट्स को रिलीज करना शामिल है.

बाघेई ने कहा कि Friday की मीटिंग असल में समझौते पर हस्ताक्षर करने और फाइनल समझौते पर बातचीत के इंतजाम पर बात करने के लिए थी, लेकिन, उन्होंने बताया कि यह गैर-जरूरी हो गया जब ईरानी President मसूद पेजेश्कियन और उनके अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप ने Thursday सुबह इलेक्ट्रॉनिकली दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर दिए.

उन्होंने कहा कि समझौते के तहत, ईरान अपनी मौजूदा परमाणु स्थिति को बनाए रखेगा और आईएईए की निगरानी को बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट जैसी जगहों तक ही सीमित रखेगा. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका और इजरायली हमलों के कारण पहले जिन जगहों पर जाने से मना किया गया था, उन तक पहुंच बातचीत की प्रक्रिया और उसके नतीजे पर निर्भर करेगी.

ईरान, अमेरिका और Pakistan ने Monday सुबह कई हफ़्तों की बातचीत के बाद, लेबनान समेत सभी मोर्चों पर इलाके में जंग खत्म करने के लिए समझौते को फाइनल करने का ऐलान किया.

बता दें, इजरायल और अमेरिका ने मिलकर 28 फरवरी को तेहरान समेत ईरान के दूसरे शहरों पर हमले किए. ईरान ने जवाब में मिसाइल और ड्रोन से कई हमले किए, जिसमें इजरायल और इलाके में मौजूद अमेरिकी एसेट्स को निशाना बनाया गया और होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली. इससे इजरायल और अमेरिका के जहाजों के आने-जाने पर रोक लग गई.

एएस