तेल-गैस पर निर्भरता घटाएगा ईरान! राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने नई तकनीक और युवा प्रतिभाओं पर दिया जोर

नई द‍िल्‍ली, 9 अगस्त . ईरान के President मसूद पेजेश्कियन ने Sunday को जिहाद-ए-दानेशगाही (अकादमिक जिहाद) की स्थापना की 46वीं वर्षगांठ पर देश की तरक्की के लिए घरेलू वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया है. उन्होंने नई तकनीकों में निवेश और युवा प्रतिभाओं को अवसर देने की जरूरत बताई, ताकि तेल-गैस पर निर्भरता कम की जा सके.

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की र‍िपोर्ट के अनुसार, ईरान के President मसूद पेजेश्‍क‍ियन ने नई तकनीकों में निवेश और युवा प्रतिभाओं को समर्थन देने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा है कि देश के अधिकतम विकास और प्रगति के लिए घरेलू वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं का पूरा उपयोग किया जाना चाहिए.

जिहाद-ए-दानेशगाही (अकादमिक जिहाद) एक सार्वजनिक गैर-लाभकारी संस्था है, जो रक्षा, औद्योगिक आत्मनिर्भरता, खाद्य सुरक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में शोध और प्रशिक्षण का काम करती है.

आईआरएनए की र‍िपोर्ट के अनुसार, President मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि आवश्यक तकनीकी ढांचे के विकास से ईरान के युवा, प्रतिभाशाली लोग और वैज्ञानिक देश की प्रगति का रास्ता तैयार कर सकेंगे. इससे ईरान को तेल और गैस संसाधनों पर अपनी निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी.

President ने नई तकनीकों के क्षेत्र में निवेश को ईरान की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक बताते हुए कहा कि इससे देश विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनेगा. साथ ही, विरोधी देशों को अवैध प्रतिबंधों और दबाव के जरिए ईरान की प्रगति को रोकने का अवसर भी नहीं मिलेगा.

उन्होंने कहा कि समस्याओं और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए वैज्ञानिकों और आगे की सोच रखने वाले लोगों की जरूरत है. उन्होंने ईरानी जनता से युवाओं पर भरोसा करने की अपील की, ताकि देश की प्रगति को कोई बाधा रोक न सके.

आईआरएनए के अनुसार, पेजेशकियन ने इस्लामी गणराज्य ईरान के संस्थापक इमाम खुमैनी और इस्लामी क्रांति के द‍िवंगत नेता अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने अली लारिजानी सहित अन्य सभी शहीदों के प्रति भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने ईरान की सुरक्षा और सम्मान के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया.

President ने वैज्ञानिकों और प्रमुख हस्तियों की हत्याओं तथा ईरान के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और शोध केंद्रों पर अमेरिका और इजरायल के हमलों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि दुश्मनों का उद्देश्य ईरान की क्षमताओं और उन लोगों को निशाना बनाना था जो देश की समस्याओं को सुलझाने में भूमिका निभा रहे थे.

President ने घोषणा की कि उनकी Government जिहाद-ए-दानेशगाही की तकनीकी परियोजनाओं में सहयोग करने के लिए तैयार है. उन्होंने संस्था के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को आमंत्रित किया कि वे अपने सामने आने वाली चुनौतियों और समस्याओं पर Government के साथ चर्चा करें और सुझाव साझा करें.

समारोह के अंत में पेजेशकियन ने ‘राष्ट्रीय जिहाद-ए-दानेशगाही पुरस्कार’ शहीद अली लारिजानी के परिवार को प्रदान किया. यह सम्मान उन्हें ईरान के विभिन्न क्षेत्रों के विकास में उनके जीवनभर के योगदान के लिए दिया गया.

एवाई/डीकेपी