जॉर्डन में अमेरिकी ‘थाड’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम और ‘पैट्रियट’ सिस्टम किया तबाह: ईरान

तेहरान, 23 जुलाई . ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने Thursday को दावा किया कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले कर भारी नुकसान पहुंचाया है. आईआरजीसी के अनुसार, सटीक निशानों के जरिए उसने अमेरिकी थाड मिसाइल डिफेंस सिस्टम और पैट्रियट सिस्टम को तबाह कर दिया है.

इन अहम अमेरिकी रक्षा प्रणालियों के अलावा उसने, सी-आरएएम रडार को भी निशाना बनाकर नष्ट करने की बात कही है. आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक समाचार और जनसंपर्क पोर्टल ‘सिपाह न्यूज’ के हवाले से एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है.

आईआरजीसी का कहना है कि इसके अलावा अमेरिकी सैन्य अड्डे के ईंधन टैंकों और हेलीकॉप्टरों की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए इस्तेमाल होने वाले हैंगर में भी हमले के बाद आग लग गई. इन हमलों से वे पूरी तरह नष्ट हो गए.

आईआरजीसी ने अपने बयान में जॉर्डन की जनता को संबोधित करते हुए अपना पक्ष भी स्पष्ट किया. उन्होंने सफाई में कहा, “हमारी सैन्य कार्रवाई जॉर्डन की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं करती, बल्कि देश में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी ही जॉर्डन की संप्रभुता का अतिक्रमण है. अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना एक वैध और आवश्यक कार्रवाई है.”

हालांकि इस पर तत्काल जॉर्डन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. इससे पहले भी आईआरजीसी ने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य परिसंपत्तियों पर हमले करने का दावा किया था.

ईरान ने बताया कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों अल-अदीरी कैंप और अली अल-सलेम एयर बेस को निशाना बनाया. यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब कुवैत की सेना ने अपने हवाई क्षेत्र में संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों की पुष्टि की है.

कुवैती सेना ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली दुश्मन ड्रोन खतरों का सामना कर रही है. सेना ने बताया कि रात में सुनाई देने वाले विस्फोट वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा इन ड्रोन को मार गिराने की कार्रवाई का हिस्सा थे.

इससे पहले, अमेरिकी सेना ने भी घोषणा की कि President डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर उसने ईरान के खिलाफ लगातार 12वीं रात सैन्य कार्रवाई पूरी की है.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने अपने बयान में कहा कि अमेरिकी बलों ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. इनमें समुद्री सैन्य क्षमताएं, मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्र, तटीय निगरानी ठिकाने तथा वायु रक्षा प्रणाली शामिल हैं.

केआर/