ईरान का दावा, ‘जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, पहुंचाया भारी नुकसान’

तेहरान, 18 जुलाई . ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने Saturday को दावा किया कि उसने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और केंद्रों पर मिसाइल एवं ड्रोन हमले किए हैं.

ईरानी समाचार एजेंसी ‘सेपाह’ के अनुसार, आईआरजीसी की एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन के अल-अजराक स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला किया. ईरान ने दावा किया कि इस कार्रवाई में लड़ाकू विमानों के शेल्टर और पार्किंग रैंप को निशाना बनाया गया और करीब दो लड़ाकू विमान और तीन अन्य अमेरिकी सैन्य विमान नष्ट हो गए, जबकि कुछ अन्य को भी भारी नुकसान पहुंचा.

एक अन्य बयान में आईआरजीसी ने कहा कि Friday रात उसकी नौसेना ने कुवैत के बंदर अल-अहमदी स्थित अमेरिकी नौसेना के ईंधन आपूर्ति डॉक और बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर मौजूद अमेरिकी सैन्य केंद्रों को निशाना बनाया. ईरान ने यह भी दावा किया कि उसने बहरीन में स्थित ‘बटेल्को’ नामक एक खुफिया डेटा सेंटर और कुवैत में अमेरिकी सिग्नल एवं संचार केंद्र को नष्ट कर दिया.

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अमेरिका की ओर से इन दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि अमेरिकी सेना ने 17 जुलाई की रात ईरान के खिलाफ लगातार सातवें दिन भी हमले किए. सेंटकॉम के अनुसार, इस अभियान में निगरानी केंद्रों, सैन्य लॉजिस्टिक्स ढांचे, भूमिगत हथियार भंडार और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया. कार्रवाई में लड़ाकू विमान, ड्रोन, युद्धपोत और अन्य सैन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया गया.

ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में तीन लोगों की मौत हुई और आठ अन्य घायल हुए हैं.

उधर, क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जॉर्डन की वायु रक्षा प्रणाली ने कई ईरानी मिसाइलों को मार गिराया, बहरीन ने भी कई हवाई हमलों को विफल करने का दावा किया, जबकि कुवैत ने बताया कि ईरानी हमले के बाद एक बिजली उत्पादन और वॉटर डिसेलिनेशन संयंत्र में आग लग गई.

केआर/