ईरान-अमेरिका एमओयू फाइनल होने के बेहद करीब: ईरानी विदेश मंत्री अराघची

तेहरान, 12 जून . ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने Friday को कहा कि तेहरान, अमेरिका के साथ चल रही बातचीत के बीच एक एमओयू को फाइनल करने के बहुत करीब है.

विदेश मंत्री अराघची ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “इस्लामाबाद एमओयू पहले कभी इतना करीब नहीं था. इसके फाइनल होने तक, मीडिया को इसके कंटेंट के बारे में अंदाजा लगाने से बचना चाहिए.”

उन्होंने आगे कहा, “हमारे जिम्मेदार और पारदर्शी नजरिए के हिसाब से, सभी डिटेल्स सही समय पर जनता के साथ साझा की जाएंगी.”

इससे ठीक पहले अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी जारी करते हुए ट्रूथ सोशल पर लिखा, “ईरान ने जो फेक न्यूज मीडिया को लीक कीं, उनका उन शर्तों से कोई लेना-देना नहीं है जिन पर लिखकर सहमति बनी थी. उन्होंने जो कहा, जिसमें डील करने का उनका कमजोर और बेकार बयान भी शामिल है, उसका सच से कोई लेना-देना नहीं है. ऐसे लोगों से डील करना बहुत ही बेइज्जती भरा है. उनके साथ, अच्छी नीयत से डील करना नामुमकिन है.”

वहीं, इजरायल के Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू ने Friday को कसम खाई कि जब तक वह इजरायल के पीएम हैं, तब तक वह ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे.

इजरायली Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “जब तक मैं इजरायल का Prime Minister हूं, ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार नहीं होंगे. इस मुद्दे पर मेरे और President ट्रंप के बीच पूरी सहमति है. 30 से ज्यादा सालों से, मैं ईरान के परमाणु प्रोग्राम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अभियान में सबसे आगे रहा हूं.”

उन्होंने आगे कहा, “अगर यह कैंपेन नहीं होता, तो ईरान के पास इजरायल को खत्म करने के लिए बहुत पहले ही परमाणु बम होते. ईरान यहूदी देश को खत्म करने की कोशिश कर रहा है और मैं उन्हें ऐसा करने से रोकने के लिए अपनी जिंदगी लगा रहा हूं. जब तक मैं इजरायल का Prime Minister हूं, ऐसा नहीं होगा.”

ओमान तट के पास जहाजों पर हमले में हुई तीन भारतीय नाविकों की मौत के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा, “होर्मुज स्ट्रेट से निकल रहे भारतीय जहाजों पर उनका (ईरान का) पूरी तरह से नाकाम ड्रोन हमला बिल्कुल भी मंजूर नहीं है.”

इससे पहले व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा कि बातचीत आखिरी चरण में पहुंच गई है और हफ्तों की लड़ाई के बाद एक बड़ी डिप्लोमैटिक कामयाबी के लिए डॉक्यूमेंट्स तैयार किए जा रहे हैं.

डीएससी