आईपीएल 2026: आरआर के मैनेजर भिंडर ने डगआउट में किया फोन इस्तेमाल, बीसीसीआई ने शुरू की जांच

New Delhi, 12 अप्रैल . रॉयल चैलेंजर्स Bengaluru (आरसीबी) के खिलाफ गुवाहाटी में 10 अप्रैल को खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैच के दौरान Rajasthan रॉयल्स (आरआर) के टीम मैनेजर रोमी भिंडर डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए देखे गए, जिसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है.

एसीए स्टेडियम में मौजूद कैमरों में यह घटना लाइव रिकॉर्ड हुई थी, जिसमें भिंडर को एक डिवाइस इस्तेमाल करते हुए देखा गया. उस समय भिंडर युवा बाएं हाथ के ओपनर वैभव सूर्यवंशी के बगल में बैठे थे, जो स्क्रीन की ओर देख रहे थे. इस घटना ने लीग के सख्त भ्रष्टाचार-रोधी प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.

आईपीएल के ‘खिलाड़ी और मैच अधिकारी क्षेत्र’ (पीएमओए) के नियमों के अनुसार, एक टीम मैनेजर ड्रेसिंग रूम क्षेत्र में फोन इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन डगआउट में ‘नहीं’. सैकिया ने Sunday को ‘ ’ से पुष्टि की है कि बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट (एसीयू) फिलहाल इस घटना के विवरण की जांच कर रही है और उसने अपनी पड़ताल शुरू कर दी है.

सैकिया ने कहा, “पीएमओए नियमों के अनुसार, टीम मैनेजर जैसे कुछ व्यक्तियों को फोन रखने की अनुमति होती है. Rajasthan रॉयल्स के मैनेजर के तौर पर रोमी भिंडर भी फोन रख सकते हैं, लेकिन हमें इस बात की गहन जांच करनी होगी कि फोन किस क्षेत्र में ले जाया गया था और क्या इसके लिए अनुमति ली गई थी. ऐसा करके, क्या उन्होंने हमारे मौजूदा आईपीएल नियमों और विनियमों के तहत किसी प्रोटोकॉल या नियम का उल्लंघन किया है, इसकी जांच की जा रही है.”

उन्होंने कहा, “एंटी करप्शन यूनिट ने यह देखने के लिए जांच शुरू कर दी है कि क्या उन्होंने मोबाइल निर्धारित क्षेत्र में रखा था या उससे बाहर. विभिन्न सबूतों को देखने और उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद, वे इसके आधार पर अपनी रिपोर्ट देंगे.”

टूर्नामेंट्स के नियमों के अनुसार, बीसीसीआई की भ्रष्टाचार-रोधी और सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) प्रमुख की तरफ से नियुक्त दो बीसीसीआई भ्रष्टाचार-रोधी मैनेजर पीएमओए के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार होते हैं. उनकी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि उचित व्यवस्थाएं मौजूद हों और सुरक्षा कर्मियों को पूरी तरह से जानकारी दी गई हो.

पीएमओए और एसीयू के कामकाज से जुड़े एक सूत्र ने से कहा, “फोन का इस्तेमाल सिर्फ आपातकालीन स्थिति में ही किया जाना चाहिए. उस स्क्रीनशॉट को देखकर ऐसा लगता है कि वह शायद कुछ देख रहे थे, या गूगल का इस्तेमाल कर रहे थे, या फिर व्हाट्सएप या इंस्टाग्राम जैसे किसी social media प्लेटफॉर्म को चेक कर रहे थे.”

उन्होंने कहा, “बस एक ही बात है कि एंटी-करप्शन यूनिट अपनी पूरी जांच के लिए उस डिवाइस का सारा डेटा ले सकती है, जिसका इस्तेमाल वह उस समय कर रहे थे, और खिलाड़ी से यह भी पूछ सकती है कि डिवाइस देखते समय वह असल में क्या देख रहे थे. अगर भिंडर को एसीयू अधिकारियों और गुवाहाटी में मैच रेफरी ने किसी भी संदिग्ध गतिविधि में शामिल नहीं पाया, तो उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया जाएगा, या फ्रेंचाइजी पर 10 से 20 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है.”

आरएसजी