हैदराबाद में 1.22 करोड़ की निवेश ठगी का भंडाफोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार

हैदराबाद, 24 जून . हैदराबाद साइबर क्राइम Police ने 1.22 करोड़ रुपए की निवेश (इन्वेस्टमेंट) ट्रेडिंग धोखाधड़ी के मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है.

जांच में पता चला है कि आरोपी साइबर अपराध से हासिल रकम को इधर-उधर भेजने के लिए फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) का नेटवर्क चला रहे थे. इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ट्रेडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा था.

Police ने Wednesday को बताया कि यह गिरफ्तारी साइबर धोखाधड़ी को बढ़ावा देने वाले वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ी सफलता है.

गिरफ्तार आरोपियों में तीन Maharashtra के, दो Rajasthan के और एक आंध्र प्रदेश का निवासी है.

Police के अनुसार, जनवरी 2026 में हैदराबाद के एक व्यक्ति को व्हाट्सएप पर ट्रेंडिंग ग्रुप में निवेश के जरिए फंसाया गया. उसे अधिक मुनाफा और आईपीओ आवंटन का लालच देकर कुछ फर्जी प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया.

शुरुआत में पीड़ित को भरोसा दिलाने के लिए 1.05 लाख रुपए निकालने की अनुमति दी गई. इसके बाद उसने 19 अलग-अलग लेनदेन में कुल 1,22,18,029.50 रुपए निवेश कर दिए.

आरोपियों ने फर्जी तरीके से उसके खाते में 15.69 करोड़ रुपए का मुनाफा दिखाया और आईपीओ जारी करने के नाम पर अतिरिक्त 35 लाख रुपए की मांग की.

साइबर क्राइम के डीसीपी ने बताया कि जांच में सामने आया कि एक मुख्य आरोपी ने बड़े मूल्य वाले चालू बैंक खाते खोलने के उद्देश्य से एक कंपनी बनाई थी. बाद में इन खातों की इंटरनेट बैंकिंग जानकारी अन्य लोगों को उपलब्ध कराई जाती थी.

इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से प्राप्त धन और ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जुटाई गई रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था.

जांच में यह भी पता चला कि कमीशन के बदले बिजनेस बैंक अकाउंट को हासिल किया जाता था और कुछ अन्य खातों को रिमोट एक्सेस और ओटीपी में हेरफेर कर सक्रिय किया जाता था. आरोपी ऐसे बैंक खाते उपलब्ध कराने और उनकी व्यवस्था करने के बदले कमीशन लेते थे.

Police के अनुसार, एक आरोपी द्वारा उपलब्ध कराया गया बैंक का खाता देशभर के 26 मामलों से जुड़ा पाया गया, जिनमें तेलंगाना के चार मामले भी शामिल हैं. इस खाते से कुल 1.10 करोड़ रुपए से अधिक का लेनदेन हुआ था.

इसी तरह, दो आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते का संबंध देशभर के 18 मामलों से पाया गया, जिनमें तेलंगाना के दो मामले शामिल हैं. इस खाते के जरिए लगभग 3.37 करोड़ रुपए का लेनदेन किया गया था. Police के मुताबिक, इस खाते का इस्तेमाल ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए किया जा रहा था.

जांच में सामने आया है कि आरोपी साइबर अपराध और अन्य अवैध ऑनलाइन गतिविधियों से प्राप्त धन को छिपाने और स्थानांतरित करने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने और उनका संचालन करने में सक्रिय रूप से शामिल थे.

एएमटी/डीकेपी