
कोलकाता, 11 जून . पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान कथित तौर पर हिंसा भड़काने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने संबंधी मामले में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और Lok Sabha सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज मामले की जांच Friday को राज्य Police के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को सौंप दी गई.
पिछले महीने पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बिधाननगर सिटी Police के अंतर्गत आने वाले बिधाननगर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. अब तक इस मामले की जांच साइबर क्राइम थाने की Police कर रही थी.
हालांकि, राज्य Police के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि Friday को इस मामले की जांच सीआईडी को स्थानांतरित कर दी गई. सीआईडी पहले से ही पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित कुछ पदों पर नियुक्तियों से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर तृणमूल कांग्रेस के कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित फर्जीवाड़ा के मामले में अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए तीन समन जारी कर चुकी है.
अभिषेक बनर्जी ने अपने खिलाफ दर्ज First Information Report को रद्द कराने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था, लेकिन 21 मई को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी. अदालत ने चुनाव पूर्व एक जनसभा में अभिषेक बनर्जी द्वारा दिए गए कथित भड़काऊ बयान पर भी कड़ी टिप्पणी की थी. इसी बयान के आधार पर पहले शिकायत दर्ज हुई और बाद में First Information Report दर्ज की गई थी.
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने सवाल उठाया था कि किसी Political दल के महासचिव और तीन बार के सांसद द्वारा सार्वजनिक सभा में इस तरह का कथित भड़काऊ बयान कैसे दिया जा सकता है, खासकर ऐसे राज्य में जहां चुनाव के बाद व्यापक हिंसा का इतिहास रहा है. अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि यदि चार मई को घोषित विधानसभा चुनाव परिणाम अलग होते, तो राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर रूप से बिगड़ सकती थी.
हालांकि, अदालत ने अभिषेक बनर्जी को 31 जुलाई तक गिरफ्तारी सहित किसी भी प्रकार की दमनात्मक Police कार्रवाई से अंतरिम राहत प्रदान की थी. इसके साथ ही सख्त शर्तें भी लगाई गई थीं, जिनमें अदालत की पूर्व अनुमति के बिना विदेश यात्रा पर रोक प्रमुख है.
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डीएससी
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