
तेहरान, 12 मई . ईरान की Government ने कहा है कि संघर्ष समाप्त होने के बाद देश में इंटरनेट सेवा सामान्य कर दी जाएगी. इस बीच ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट को 74 दिन हो गए हैं. इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था नेट ब्लॉक्स के मुताबिक 1,752 घंटे से ज्यादा समय गुजर गया है जब आम लोगों का संपर्क पूरी दुनिया से नहीं स्थापित हो पाया है.
इस बीच इंटरनेट सेवा बहाली का ऐलान Government के प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने किया. मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक उन्होंने कहा, “Government का दृष्टिकोण सभी बुनियादी ढांचे तक समान पहुंच का है, जिसमें इंटरनेट भी शामिल है. हम इंटरनेट पहुंच को एक नागरिक अधिकार मानते हैं, और यही President का भी दृष्टिकोण है. हम भेदभाव और अन्याय को मान्यता नहीं देते और उनका विरोध करते हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “हमारी प्रो-इंटरनेट नीति का उद्देश्य व्यवसायों को उच्च गुणवत्ता वाले इंटरनेट तक पहुंच देना है, और जब स्थिति सामान्य होगी, तो उम्मीद है कि यह स्थिति भी सामान्य हो जाएगी.”
28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमले के बाद से ही इंटरनेट सेवा बाधित रही. ईरान में लाखों लोगों को लगभग पूर्ण इंटरनेट बंदी का सामना करना पड़ा जो 74 दिनों तक चली, जिसमें केवल सरकारी -स्वीकृत वेबसाइटों तक ही पहुंच संभव रही है.
वैसे इससे पहले जनवरी आंदोलन के दौरान भी ईरानियों के लिए इंटरनेट सेवा उपलब्ध नहीं थी. अल जजीरा के अनुसार फरवरी 2026 के अंत से जारी संघर्ष के कारण 99 फीसदी से अधिक आबादी के लिए इंटरनेट सेवा पूरी तरह से बंद है. यह इतिहास की सबसे लंबी इंटरनेट बंदी में से एक बताया गया. जिसमें social media, वीपीएन और विदेशी वेबसाइट्स पर कड़ा प्रतिबंध है. इस दौरान ‘नेशनल इंफॉर्मेशन नेटवर्क’ (इंट्रानेट) ही काम कर रहा है.
इस बीच चर्चा आईआरजीसी के उस तीन-स्टेप प्लान की भी है जिसके तहत दावा किया गया है कि वो समुद्र के नीचे बिछे इंटरनेट केबल्स पर टैक्स लगाने की तैयारी में है. कथित तौर पर ये गूगल, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों को भी चिंता में डाल सकता है.
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केआर/
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