वाशिंगटन, 11 नवंबर . अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) एक बार फिर अंतरिक्ष में मौजूद मलबे से टकराने से बच गया है. एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि यह रशद लेकर आ रहे अंतरिक्षयान के आगमन से कुछ घंटे पहले की बात है.

टीएएसएस समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमॉस ने कहा कि प्रोग्रेस एमएस-25 कार्गो अंतरिक्ष यान के प्रक्षेपण से पहले बैलिस्टिक स्थितियां बनाने के लिए आईएसएस की कक्षा को 2.5 किमी तक समायोजित किया गया है.

सरकारी अंतरिक्ष निगम ने एक बयान में कहा, “नए प्रोग्रेस एमएस-25 कार्गो अंतरिक्ष यान के आगमन से पहले, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की कक्षा को समायोजित करने की आवश्यकता है.”

प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, स्टेशन की कक्षा की औसत ऊंचाई पृथ्वी की सतह से 2.5 किलोमीटर बढ़कर 417.98 किलोमीटर हो गई है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह बदलाव प्रोग्रेस एमएस-24 कार्गो अंतरिक्ष यान के इंजनों के साथ भारतीय समयानुसार रात 2:41 बजे किया गया था. उन्हें रात 00:11 बजे चालू किया गया. इंजन को 905.7 सेकंड तक चालू रखा गया.

इस बीच, नासा ने अभी तक कक्षा में बदलाव के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है.

अंतरिक्ष मलबा पृथ्वी की परिक्रमा करने वाली कृत्रिम वस्तुएं हैं जो सक्रिय अंतरिक्ष यान नहीं हैं. ये उपग्रहों के लिए बढ़ती चिंता का विषय हैं और यह आईएसएस के लिए भी खतरा पैदा करते हैं.

नासा के अधिकारियों ने मलबे की तिमाही रिपोर्ट में बताया कि 1999 के बाद से दिसंबर 2022 तक आईएसएस 32 बार अंतरिक्ष मलबे से टकराने से बचा था.

इनसे बचने के लिए कुल 37 बार आईएसएस की कक्षा में बदलाव किया गया है. इस साल अगस्‍त में ही दो बाद कक्षा बदली गई है.

एकेजे