रात में वीडियो संदेश जारी करने के बजाय संसद में आकर जवाब दें पीएम मोदी: मल्लिकार्जुन खड़गे

New Delhi, 24 जुलाई . नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र Government और विपक्ष के बीच Political बयानबाजी तेज हो गया है. Prime Minister Narendra Modi के वीडियो संदेश के बाद कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने Government पर निशाना साधते हुए Prime Minister से संसद में आकर जवाब देने की मांग की है.

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने Prime Minister के वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर Prime Minister को इस मुद्दे पर कुछ कहना है तो उन्हें संसद में आकर अपनी बात रखनी चाहिए. सदन में दिए गए बयान को ही गंभीरता से लिया जाएगा.

खड़गे ने कहा कि रात के समय वीडियो संदेश जारी करने के बजाय Prime Minister को दिन में संसद में आकर छात्रों और देश के सामने अपनी बात रखनी चाहिए.

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी Prime Minister के संदेश पर सवाल उठाते हुए कहा कि Government काफी देर बाद इस मुद्दे पर बोल रही है. देश के युवा सड़कों पर हैं और केवल बयान देने से उनकी परेशानियां दूर नहीं होंगी. खेड़ा ने कहा कि छात्रों की चिंताओं का समाधान जरूरी है.

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने मांग की कि Prime Minister को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना चाहिए. यह छात्रों और देश की मांग है. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि Government छात्रों की मांगों पर ध्यान देने के बजाय लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है.

कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते छात्रों की आवाज उठा रही है और संसद में उसकी अलग जिम्मेदारी है.

वहीं, तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय ने पेपर लीक रोकने के लिए प्रस्तावित कानून पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही प्रतिक्रिया दी जा सकती है. उन्होंने पूछा कि Government छात्रों की मांगों को पूरा करने में देरी क्यों कर रही है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कब इस्तीफा देंगे.

आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने Prime Minister के वीडियो संदेश को लेकर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर चर्चा होनी चाहिए और केवल बयान देने से समस्या का समाधान नहीं होगा. उन्होंने Government पर अहंकार का आरोप लगाया.

Samajwadi Party के सांसद रामगोपाल यादव ने भी Government से सवाल किया कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पहले से मौजूद कानूनों का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया. उन्होंने जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए.

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