
New Delhi, 28 अप्रैल . भारतीय नौसेना का जहाज आईओएस सागर, यानी आईएनएस सुनयना, 24 घंटों के भीतर सिंगापुर के चांगी नेवल बेस से अपने अगले मिशन पर रवाना होगा. दरअसल, यह भारतीय नौसैनिक जहाज इन दिनों अपने खास मिशन पर है.
इसी कड़ी में 26 अप्रैल को यह जहाज सिंगापुर के चांगी नेवल बेस पहुंचा था. यह इस मिशन का चौथा पड़ाव है. इससे पहले यह जहाज माले, फुकेत और जकार्ता जा चुका है. दरअसल, यह पूरा अभियान India के ‘महासागर’ विजन के तहत चल रहा है. इस विजन का मकसद हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, सहयोग और आपसी विकास को बढ़ावा देना है. इस नौसैनिक जहाज की एक खास बात यह है कि इसमें सिर्फ भारतीय नौसैनिक ही नहीं, बल्कि 16 मित्र देशों के नौसैनिक भी शामिल हैं. यानी यह एक तरह से इंटरनेशनल टीम के साथ चल रहा मिशन है, जिससे अलग-अलग देशों के बीच तालमेल और समझ और बेहतर हो सके.
नौसेना के मुताबिक, सिंगापुर पहुंचने पर जहाज का गर्मजोशी से स्वागत किया गया. वहां India के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले भी जहाज पर पहुंचे और पूरे क्रू से मिले. उन्होंने नौसैनिकों के काम की सराहना की और कहा कि ऐसे मिशन से देशों के बीच रिश्ते और मजबूत होते हैं. आईएनएस सुनयना के कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सिद्धार्थ चौधरी ने क्रांजी वॉर मेमोरियल जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी.
इसके अलावा, उन्होंने सिंगापुर नौसेना के अधिकारियों से भी मुलाकात की, जिसमें आगे कैसे मिलकर काम किया जाए, इस पर चर्चा हुई. इस दौरान India के इस समुद्री जहाज को आम लोगों के लिए भी खोल दिया गया था. स्कूल के बच्चे, social media से जुड़े लोग और अन्य व्यक्ति जहाज पर आए और उन्होंने करीब से देखा कि समुद्र में जिंदगी कैसी होती है. इससे लोगों में नौसेना के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है.
27 अप्रैल को यहां एक खास इवेंट भी हुआ, जिसमें जहाज के क्रू और सिंगापुर में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों ने ‘वन ओशन, वन मिशन’ थीम में हिस्सा लिया. इसका मकसद था लोगों को समुद्र और समुद्री सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करना. इस जहाज के क्रू सिंगापुर नेवी के साथ कई और गतिविधियों में हिस्सा लेंगे, जैसे उनके ट्रेनिंग सिमुलेटर देखना, इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर जाना और नेवी म्यूजियम का दौरा करना.
इसके अलावा जहाज पर योग सेशन, थिंक टैंक के साथ चर्चा और एक औपचारिक कार्यक्रम भी होगा. इन गतिविधियों के उपरांत आईएनएस सुनयना 29 अप्रैल को सिंगापुर से आगे अपने अगले मिशन के लिए रवाना हो जाएगा.
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, यह पूरा दौरा सिर्फ एक नेवी विजिट नहीं है, बल्कि इसके जरिए India अपने मित्र राष्ट्रों के साथ रिश्ते मजबूत कर रहा है और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने का संदेश दे रहा है.
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जीसीबी/डीकेपी
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