दिवालिया कंपनी सिंटेक्स इंडस्ट्रीज में बोली लगा रहे उद्योगपति मुकेश अंबानी

मुंबई (Mumbai) . देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने दिवालिया हो चुकी सिंटेक्स कंपनी को खरीदने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) दिया है.सिंटेक्स को खरीदने के लिए आरआईएल ने एसेट्स केयर एंड रिकंस्ट्रक्शन के साथ पार्टनरशिप में ईओआई दिया है.आरआईएल के अलावा सिटेंक्स को खरीदने की दौड़ में आदित्य बिड़ला एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी के इनवेस्टमेंट वाली वार्ड कैपिटल, वेलस्पन ग्रुप की एक कंपनी, इडलवाइज ऑल्टनेटिव एसेट्स एडवाइजर्स, ट्राइडेंट लिमिटेड और इंडोकाउंट इंडस्ट्रीज भी शामिल हैं.फैब्रिक बिजनेस से जुड़ी सिंटेक्स में एयर एसएसजी कैपिटल की बड़ी हिस्सेदारी है.सिंटेक्स इंडस्ट्रीज के मुताबिक कंपनी अरमानी,हुगो बास, डीलज जैसे ग्लोबल फैशन ब्रांड्स को फैब्रिक सप्लाई करती है.

दरअसल सिंटेक्स इंडस्ट्रीज कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी एंड रिजॉल्यूशन प्रोसेस से गुजर रही है. सिंटेक्स इंडस्ट्रीज के खिलाफ इस साल अप्रैल में एनसीएलटी की अहमदाबाद (Ahmedabad) ब्रांच में इनसॉल्वेंसी प्रोसेस शुरू हुई थी. कंपनी सितंबर 2019 में एक कंपनी का 15.4 करोड़ रुपये का पेमेंट करने में नाकाम रही थी. कंपनी के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने 27 फाइनेंशियल क्रेडिटर्स का 7,534.6 करोड़ रुपये का दावा स्वीकार किया है.

सिंटेक्स इंडस्ट्रीज पर एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, आरबीएल, आदित्या बिरला फायनेंस,इंनडसंन बैंक, एलआईसी और स्टेट बैंक (Bank) का कर्ज है.जबकि पीएनबी,और कर्नाटक (Karnataka) बैंक (Bank) ने कंपनी के अकाउंट को फ्रॉड घोषित किया है.साल 2017 में सिंटेक्स प्लास्टिक इंस्ट्रीज को सिंटेक्स इंडस्ट्रीज से अलग किया गया था.सिंटेक्स प्लास्टिक टेक्नोलिजी वाटर स्टोरेज टैंक बनाती है.इससे पहले रिलायंस इंडसट्रीज ने जेएम के साथ मिलकर आलोक इंडस्ट्रीज के लिए बोली लगाकर उसका अधिग्रहण किया था. यह एकमात्र मौका था, जब रिलायंस ने किसी दिवालिया कंपनी के लिए बोली लगाई थी.

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