भारत में औद्योगिक उत्पादन अप्रैल में 4.9 प्रतिशत बढ़ा, विनिर्माण क्षेत्र रहा आगे

Mumbai , 1 जून . अखिल भारतीय औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में वृद्धि दर अप्रैल में सालाना आधार 4.9 प्रतिशत रही है. इस दौरान विनिर्माण क्षेत्र ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है. यह जानकारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा Monday को जारी आंकड़ों में दी गई.

मंत्रालय ने पहली बार नए आधार वर्ष 2022-23 के साथ आंकड़े जारी किए है. पिछले आंकड़ों में आधार वर्ष 2011-12 था.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि दर 6.2 प्रतिशत रही है. जल आपूर्ति,सीवरेज एवं अपशिष्ट प्रबंधन में यह 6.6 प्रतिशत और बिजली एवं गैस आपूर्ति में 4.9 प्रतिशत रही है. वहीं, खनन एवं उत्खनन में विकास दर नकारात्मक 5.1 प्रतिशत रही है.

विनिर्माण क्षेत्र के अंदर मौजूद 23 उद्योग समूहों में से 17 ने अप्रैल 2026 में अप्रैल 2025 की तुलना में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है. अप्रैल 2026 माह के लिए शीर्ष तीन सकारात्मक योगदानकर्ताओं में मोटर वाहन, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर का निर्माण (12.7 प्रतिशत), विद्युत उपकरण का निर्माण (19.2 प्रतिशत) और मशीनरी और उपकरण का निर्माण (12.9 प्रतिशत) के साथ शामिल हैं.

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने औद्योगिक क्षेत्र की वर्तमान संरचना और गतिशीलता को बेहतर ढंग से दर्शाने के उद्देश्य से अखिल भारतीय औद्योगिक उत्पादन सूचकांक का आधार वर्ष 2011-12 से संशोधित करके 2022-23 कर दिया है. संशोधित श्रृंखला में एक अपडेटेड आइटम बास्केट, एक संशोधित भार संरचना और व्यापक क्षेत्रीय कवरेज शामिल है, ताकि अर्थव्यवस्था में औद्योगिक गतिविधि के हालिया घटनाक्रमों को बेहतर ढंग से समझा जा सके.

अखिल भारतीय औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के आधार वर्ष संशोधन का यह अभ्यास अखिल भारतीय औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के आधार वर्ष संशोधन के लिए गठित तकनीकी सलाहकार समिति (टीएसी-आईआईपी) की देखरेख में किया गया. समिति की रिपोर्ट 25 मई 2026 को जारी की गई, जिसने India में औद्योगिक उत्पादन को मापने के लिए एक अधिक मजबूत, प्रासंगिक और व्यापक प्रणाली की नींव रखी.

एबीएस