
Mumbai , 29 मई . इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने Friday को वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही (चौथी तिमाही) के लिए 2,537 करोड़ रुपए का कंसोलिडेटेड नेट लॉस (शुद्ध घाटा) दर्ज किया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 3,067.5 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था.
हालांकि, एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, तिमाही के दौरान एयरलाइन की ऑपरेशंस से होने वाली आय में सालाना आधार पर 1 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई और यह 22,438 करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल इसी अवधि में 22,152 करोड़ रुपए थी.
इंडिगो ने कहा कि तिमाही के दौरान कंपनी की लाभप्रदता पर 250 करोड़ रुपए के वन-टाइम चार्ज का भी असर पड़ा.
एयरलाइन का ईबीआईटीडीए तिमाही के दौरान 6,396 करोड़ रुपए रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 5,953 करोड़ रुपए था.
हालांकि, ईबीआईटीडीए मार्जिन में तेज गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 3.6 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले 27.5 प्रतिशत था. वहीं ईबीआईटीडीएआर मार्जिन बढ़कर 28.5 प्रतिशत हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 26.9 प्रतिशत था.
ऑपरेशनल स्तर पर एयरलाइन ने बताया कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण आई बाधाओं के बावजूद उसकी क्षमता (कैपेसिटी) में 3.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 43.6 बिलियन उपलब्ध सीट किलोमीटर (एएसके) तक पहुंच गई.
हालांकि, तिमाही के दौरान यात्री संख्या में सालाना आधार पर 1.1 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 31.6 मिलियन रही.
कंपनी ने कमजोर प्रदर्शन के लिए वित्त वर्ष 2026 के दौरान बने बेहद चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल को जिम्मेदार ठहराया.
नतीजों पर टिप्पणी करते हुए इंटरग्लोब एविएशन के सीईओ राहुल भाटिया ने कहा कि यह साल गंभीर परिचालन चुनौतियों से भरा रहा, जिसका कंपनी की लाभप्रदता पर बड़ा असर पड़ा, हालांकि एयरलाइन का मुख्य कारोबार मजबूत बना रहा.
उन्होंने कहा, “वित्त वर्ष 2026 बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेटिंग माहौल वाला साल रहा, जिसका हमारी मुनाफाखोरी पर बड़ा असर पड़ा.”
उन्होंने आगे कहा, “इन परिस्थितियों के बावजूद कंपनी के मुख्य कारोबार का प्रदर्शन मजबूत रहा. साल के दौरान हमारी क्षमता में 9.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और कुल आय में 6 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई.”
Friday को बीएसई पर इंटरग्लोब एविएशन के शेयर 3.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,418.40 रुपए पर बंद हुए.
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डीबीपी
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