स्वदेशी स्टार्ट-अप भारत की नीली अर्थव्यवस्था में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएंगे: मंत्री जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली (New Delhi) . केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान(स्वतंत्र प्रभार) और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत का भविष्य में होने वाला विकास विज्ञान संचालित अर्थव्यवस्था पर निर्भर करता है. उन्‍होंने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा आयोजित आजादी का अमृत महोत्सव सप्ताह के उद्घाटन सत्र में “नीली अर्थव्यवस्था में अनुसंधान प्रौद्योगिकी और स्टार्ट-अप की भूमिका” पर आयोजित संवाद सत्र को संबोधित किया. डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में देश स्वतंत्रता का 75वां वर्ष मना रहा है, इस संचेतना के साथ कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी भारत के समावेशी विकास के लिए मुख्य मुद्रा बनने जा रही है यह अगले 25 वर्षों की योजना बनाने का अवसर भी है. डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी का विज़न और दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में उनके बढ़ते हुए कद ने भारत को विशिष्‍ट सम्‍मान प्रदान किया है,ऐसा पिछले कई दशकों से कभी देखा नहीं गया. यह महत्‍वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी को विज्ञान संचालित विकास की विशेष योग्यता हासिल है, जिसने सभी वैज्ञानिक कार्यक्रमों को आम आदमी के जीवन के लिए प्रासंगिक अनुप्रयोगों पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम बनाया है. डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहाकिभारत की नीली अर्थव्यवस्था को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के एक उपसमूह के रूप में माना जाता है, जिसमें देश के कानूनी अधिकार क्षेत्र के तहत बंदरगाह, समुद्र और समुद्र के तटवर्ती क्षेत्रों में पूरी महासागर संसाधन प्रणाली और मानव निर्मित आर्थिक बुनियादी ढांचा भी शामिल है.

उन्होंने यह भी कहाकिइससे उन वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन में मदद मिलती है,जिनका आर्थिक प्रगति, पर्यावरणसंबंधी स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ स्पष्ट संबंध है. डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत जैसे तटीय देशों के लिए नीली अर्थव्यवस्था सामाजिक लाभ के लिए समुद्री संसाधनों का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने का एक व्‍यापक सामाजिक-आर्थिक अवसर प्रदान करती है. “पृथ्वी विज्ञान” शब्द का उल्लेख करते हुए उन्‍होंने कहाकिइस शब्‍द में पृथ्वी के वायुमंडल और उसकी सतह पर और उसके नीचे बहने वाले पानी तथा पृथ्वी के समुद्रों और महासागरों का अध्ययन भी शामिल है. उन्होंने कहा किभारत के महासागर हमारे लिए खजाना हैं इसलिए मोदी सरकार द्वारा शुरू किया गया “डीप ओशन मिशन” नीली अर्थव्‍यवस्‍था को समृद्ध करने के लिए विभिन्न संसाधनों का उपयोग करने के लिए एक नये क्षितिज का शुभारंभ करता है.

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