‘भारत की नारीशक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला’, प्रधानमंत्री मोदी ने गिनाईं 12 साल की उपलब्धियां

New Delhi, 12 जून . Prime Minister Narendra Modi ने अपने 12 साल के कार्यकाल में ‘नारी शक्ति’ को समर्पित उपलब्धियों को गिनाया है. उन्होंने कहा कि India की नारीशक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है. हमारी माताएं, बहनें और बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी अद्भुत प्रतिभा और कौशल से मां भारती का गौरव बढ़ा रही हैं.

Prime Minister मोदी ने Friday को social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “पिछले 12 सालों में एनडीए Government ने महिला-नेतृत्व वाले विकास को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य किया है. इसका प्रभाव हर क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है. वित्तीय समावेशन और उद्यमिता से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, आवास, खेल, विज्ञान और सुशासन तक, महिलाएं आज अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं.”

उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, “एनडीए Government के प्रयास सम्मान, अवसर और सशक्तिकरण के सिद्धांतों पर आधारित हैं. इन पहलों ने ऐसा वातावरण तैयार किया है, जहां महिलाएं अपनी पूर्ण क्षमता का विकास कर सकें और राष्ट्र निर्माण में और अधिक प्रभावी योगदान दे सकें.”

पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “मुझे विशेष रूप से यह देखकर खुशी होती है कि India की नारी शक्ति विज्ञान, अंतरिक्ष और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही है. ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में उनकी बढ़ती भागीदारी नए अवसरों के द्वार खोल रही है और पूरे देश में विकास की दिशा को नई गति दे रही है. हमारी Government स्वयं सहायता समूहों (सेल्फ हेल्प ग्रुप्स) को सक्रिय रूप से समर्थन दे रही है, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.”

एक अन्य पोस्ट में Prime Minister Narendra Modi ने ‘संस्कृत सुभाषितम्’ शेयर करते हुए लिखा, “India की नारीशक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है. हमारी माताएं, बहनें और बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी अद्भुत प्रतिभा और कौशल से मां भारती का गौरव बढ़ा रही हैं. नारी त्रैलोक्यजननी, नारी त्रैलोक्यरूपिणी. नारी त्रिभुवनाधारा, नारी शक्तिस्वरूपिणी.”

‘संस्कृत सुभाषितम्’ में कहा गया है, “नारी तीनों लोकों की जननी है. नारी ही तीनों लोकों की अभिव्यक्ति है. वही पूरे संसार का आधार है और वही शक्ति का वास्तविक स्वरूप है.”

डीसीएच/