सीडब्ल्यूजी 2026: जैवलिन फाइनल में पहुंची भारत की ‘तिकड़ी’, नीरज के साथ रोहित और यश वीर से मेडल की आस

ग्लासगो, 30 जुलाई . कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा के फाइनल में India के तीन एथलीट नजर आएंगे. Thursday को मुश्किल हालात के बावजूद ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा, रोहित यादव और यशवीर सिंह ने क्वालीफाइंग राउंड ग्रुप-ए में शीर्ष-10 स्थान हासिल करते हुए मेडल इवेंट में जगह बनाई.

तेज हवाओं ने क्वालिफिकेशन राउंड के दौरान सटीक थ्रो को मुश्किल बना दिया था, लेकिन भारतीय तिकड़ी मेडल इवेंट में आगे बढ़ने वाले टॉप-12 एथलीट्स में अपनी जगह पक्की करने में सफल रहे. नीरज 79.61 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ पांचवें स्थान पर रहे, जबकि रोहित यादव 78.37 मीटर के साथ नौवां और यश वीर सिंह 78.36 मीटर के साथ 10वां स्थान हासिल किया.

दूरी के बजाय क्वालिफिकेशन को प्राथमिकता देते हुए, तीनों भारतीयों ने शुरुआती राउंड को सुरक्षित रूप से पार किया और गेम्स के प्रमुख एथलेटिक्स इवेंट्स में से एक में India की मेडल की उम्मीदों को जिंदा रखा.

ग्लासगो गेम्स में अपना पहला मुकाबला खेल रहे नीरज, तेज हवाओं के बावजूद शांत नजर आए. नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 79.61 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के बाद फाइनल में जगह पक्की होने पर अपने तीसरे और अंतिम प्रयास को न करने का फैसला किया. वहीं, रोहित यादव (78.37 मीटर) और यश वीर सिंह (78.36 मीटर) ने भी लगातार अच्छा प्रदर्शन. दोनों के बीच सिर्फ एक सेंटीमीटर का अंतर था.

श्रीलंका के रुमेश पथिराज ने 82.84 मीटर के शानदार थ्रो के साथ क्वालिफिकेशन स्टैंडिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया और चुनौतीपूर्ण मौसम की स्थिति के अनुसार खुद को सबसे बेहतर ढंग से ढाला. ग्रेनाडा के दो बार के वर्ल्ड चैंपियन एंडरसन पीटर्स 81.29 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि साउथ अफ्रीका के डौव स्मिट 80.64 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे.

इंग्लैंड के बेन ईस्ट (80.38 मीटर) ने नीरज से आगे रहते हुए चौथा स्थान हासिल किया, जबकि ऑस्ट्रेलिया के कैमरन मैकिन्टायर (78.91 मीटर), Pakistan के अरशद नदीम (78.63 मीटर), बहामास के कीशॉन स्ट्रैचन (78.60 मीटर), त्रिनिदाद और टोबैगो के केशॉर्न वॉलकॉट (78.26 मीटर) और नाइजीरिया के चिनेचेरेम न्नामदी (75.27 मीटर) भी आगे बढ़े. सिर्फ चार एथलीट ही 80 मीटर का मार्क पार कर पाए. कोई भी 84 मीटर के सीधे क्वालिफिकेशन स्टैंडर्ड तक नहीं पहुंच पाया.

आरएसजी