
New Delhi/ग्वालियर, 30 जुलाई . India को वैश्विक टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) Madhya Pradesh के ग्वालियर में स्थापित किया जाएगा. इस परियोजना के लिए केंद्रीय संचार मंत्रालय और Madhya Pradesh Government के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के बीच New Delhi के विज्ञान भवन में एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए.
इस अवसर पर केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और Madhya Pradesh के Chief Minister डॉ. मोहन यादव मौजूद रहे. सिंधिया ने इसे Madhya Pradesh और देश दोनों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह परियोजना Prime Minister Narendra Modi के आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और ‘विकसित India 2047’ के विजन को नई गति देगी. उन्होंने कहा कि Chief Minister डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में Madhya Pradesh तेजी से औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है और यह परियोजना राज्य की विकासोन्मुखी सोच का प्रमाण है.
Union Minister सिंधिया ने कहा कि India को केवल टेलीकॉम सेवाएं देने वाला देश नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर टेलीकॉम उपकरण बनाने वाला प्रमुख राष्ट्र बनना होगा. इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ग्वालियर में करीब 350 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन विकसित किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के पहले चरण में केंद्र Government ने आधारभूत ढांचे के विकास के लिए 500 करोड़ रुपए की 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है. यह परिसर मोबाइल फोन, नेटवर्क उपकरण, फाइबर ऑप्टिक्स, सेमीकंडक्टर, 5जी और 6जी जैसी अगली पीढ़ी की तकनीकों के रिसर्च, डिजाइन, डेवलपमेंट, टेस्टिंग और मैन्युफैक्चरिंग का एकीकृत केंद्र होगा. इससे India की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी.
सिंधिया ने आगे कहा कि इस परियोजना के माध्यम से Madhya Pradesh में करीब 3,500 करोड़ रुपए का निवेश आने की संभावना है, जिससे 14,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे. उन्होंने बताया कि डिक्सन टेक्नोलॉजीज, एचएफसीएल (एचएफसीएल) और तेजस नेटवर्क्स जैसी प्रमुख कंपनियां इस परियोजना में निवेश करेंगी.
उन्होंने कहा कि इससे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के युवाओं को अपने ही प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर मिलेंगे और यह इलाका हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग तथा इनोवेशन का प्रमुख केंद्र बन जाएगा.
परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रबंधन के लिए एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) का गठन किया जाएगा, जिसमें Madhya Pradesh Government की 51 प्रतिशत और दूरसंचार विभाग की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी. यह व्यवस्था निवेश, परियोजना के संचालन और दीर्घकालिक विकास के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा उपलब्ध कराएगी.
Union Minister सिंधिया ने बताया कि टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि India के तकनीकी भविष्य की मजबूत नींव है. उन्होंने इसे सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य Government मिलकर राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना को साकार कर रहे हैं.
उन्होंने विश्वास जताया कि India को अब दुनिया पर निर्भर रहने वाला देश नहीं, बल्कि ऐसा राष्ट्र बनना चाहिए, जिस पर दुनिया निर्भर हो. उनके अनुसार, यह परियोजना Madhya Pradesh को देश के अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों में स्थापित करेगी और India को वैश्विक टेलीकॉम उत्पादन क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
–
डीबीपी
Skip to content