भारत का पाकिस्तान को साफ संदेश; जब तक सीमा पार से आतंक खत्म नहीं होता, सिंधु संधि पर रोक जारी रहेगी

संयुक्त राष्ट्र, 23 जुलाई . India ने Pakistan को स्पष्ट रूप से कहा है कि जब तक इस्लामाबाद सीमा पार आतंकवाद को अपनी राज्य नीति के रूप में अपनाए रखेगा, तब तक सिंधु जल संधि निलंबित रहेगी.

संयुक्त राष्ट्र में India के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने Wednesday को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में Pakistan को संबोधित करते हुए कहा, “सिंधु जल संधि पर India का रुख स्पष्ट और लगातार एक जैसा रहा है.”

उन्होंने कहा, “जब सीमा पार आतंकवाद को नियमित रूप से राज्य की नीति के एक साधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, तब आपसी विश्वास और सद्भावना के आधार पर सहयोग की अपेक्षा नहीं की जा सकती.”

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ‘प्राकृतिक संसाधनों का शासन: शांति, सुरक्षा और समृद्धि की नींव’ विषय पर आयोजित उच्चस्तरीय खुली बहस के दौरान Pakistan के स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने सिंधु जल संधि और जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया. इस पर भारतीय प्रतिनिधि पी. हरीश ने करारा जवाब दिया.

Pakistanी प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि उसका पूर्वी पड़ोसी India सिंधु जल संधि को एकतरफा और अवैध रूप से स्थगित कर रहा है और यह कदम जम्मू-कश्मीर विवाद की पृष्ठभूमि में उठाया गया है.

दरअसल, अप्रैल में 2025 Pakistan के आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल पहलगाम में धर्म से प्रेरित हमले किए. इस हमले में 24 लोगों की निर्मम तरीके से धर्म पूछ-पूछकर हत्या की गई. इसके बाद India ने नदी के पानी के बंटवारे के लिए 1960 की सिंधु जल संधि को रोक दिया था.

Prime Minister Narendra Modi ने पहलगाम हमले के बाद संधि को रोकने और Pakistan के साथ व्यापार रोकने का कारण बताते हुए कहा, “पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते.”

हरीश ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर हमेशा से India का एक अभिन्न और अटूट हिस्सा रहा है, वर्तमान में है और रहेगा.

उन्होंने कहा, “यह संवैधानिक और कानूनी सच्चाई है जिसे Pakistan जानबूझकर नजरअंदाज करना चाहता है. जम्मू और कश्मीर के संबंध में एकमात्र लंबित मुद्दा Pakistan द्वारा India के संप्रभु क्षेत्र पर खुला हमला और अवैध कब्जा है.”

सुरक्षा परिषद ने 21 अप्रैल, 1948 को पास किए गए अपने प्रस्ताव में मांग की थी कि Pakistan जम्मू-कश्मीर से अपने सैनिकों और नागरिकों को वापस बुलाए, वहां घुसपैठ रोके और राज्य में लड़ रहे लोगों की मदद न करे.

बता दें, Pakistan अपने कब्जे वाले इलाके में कश्मीरियों के विरोध प्रदर्शनों को बेरहमी से दबा रहा है और जून से अब तक उसके सुरक्षा बलों ने 30 से ज्यादा लोगों को मार डाला है.

हाल ही में, 14 जुलाई को तरारखाल में Pakistan के सुरक्षा बलों ने छह कश्मीरियों को मौत के घाट उतार दिया. भारतीय प्रतिनिधि हरीश ने कहा, “India पर उंगली उठाने के बजाय, Pakistan को अपना घर ठीक करके अपनी और अपने लोगों की बेहतर सेवा करनी चाहिए.”

पीएम