
New Delhi, 3 जून . केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने Wednesday को कहा कि India की ब्लू इकोनॉमी (समुद्री अर्थव्यवस्था) तेजी से विकास का एक शक्तिशाली इंजन बनकर उभर रही है. इसकी प्रमुख वजह समुद्री खाद्य उत्पादों (सीफूड) के निर्यात में लगातार बढ़ोतरी और वैश्विक बाजार में भारतीय समुद्री उत्पादों की बढ़ती मांग है.
Union Minister ने कहा कि देश के मछुआरों को अब बड़े बाजारों तक पहुंच और बढ़ते निर्यात अवसरों का लाभ मिल रहा है. वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान India के समुद्री खाद्य उत्पादों का निर्यात अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है.
पीयूष गोयल ने बताया कि वित्त वर्ष 2013-14 की तुलना में समुद्री खाद्य निर्यात में लगभग 145 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
उन्होंने कहा, “हमारे मछुआरों को नए बाजारों और बढ़ते निर्यात का लाभ मिल रहा है. वित्त वर्ष 2025-26 में समुद्री खाद्य निर्यात ने नया रिकॉर्ड बनाया है. वित्त वर्ष 2013-14 से निर्यात में लगभग 145 प्रतिशत की वृद्धि के साथ India की ब्लू इकोनॉमी विकास के एक शक्तिशाली इंजन के रूप में उभर रही है.”
इस बीच, वित्त वर्ष 2025-26 में India के समुद्री खाद्य उत्पादों का निर्यात मात्रा और मूल्य दोनों के लिहाज से रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. यह उपलब्धि वैश्विक व्यापार में अनिश्चितताओं के बावजूद इस क्षेत्र की मजबूती को दर्शाती है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में India की स्थिति को और मजबूत बनाती है.
समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान India ने 19.72 लाख मीट्रिक टन समुद्री उत्पादों का निर्यात किया, जिसकी कुल कीमत 73,890 करोड़ रुपए (8.46 अरब डॉलर) रही. यह इस क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा निर्यात प्रदर्शन है.
आंकड़ो की घोषणा करते हुए एमपीईडीए के चेयरमैन पी. जवाहर ने कहा कि यह रिकॉर्ड उपलब्धि वैश्विक बाजार में मांग के उतार-चढ़ाव और व्यापारिक अनिश्चितताओं जैसी कई चुनौतियों के बावजूद हासिल की गई है.
India के समुद्री खाद्य निर्यात में फ्रोजन झींगा का दबदबा बना रहा. कुल निर्यात आय का दो-तिहाई से अधिक हिस्सा इसी उत्पाद से आया.
फ्रोजन झींगा के निर्यात से 49,038 करोड़ रुपए (5.62 अरब डॉलर) की आय हुई, जो कुल समुद्री खाद्य निर्यात से होने वाली विदेशी मुद्रा आय का 66.5 प्रतिशत है.
फ्रोजन झींगा का निर्यात बढ़कर 7.93 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया. इस उत्पाद का सबसे बड़ा खरीदार अमेरिका रहा, जबकि चीन और यूरोपीय संघ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे.
मूल्य के लिहाज से अमेरिका India का सबसे बड़ा समुद्री खाद्य बाजार बना रहा. अमेरिका ने 2.33 अरब डॉलर मूल्य के भारतीय समुद्री उत्पादों का आयात किया.
हालांकि, पिछले वित्त वर्ष की तुलना में अमेरिका को होने वाले निर्यात की मात्रा और मूल्य दोनों में कुछ गिरावट दर्ज की गई, जो बदलती बाजार परिस्थितियों और कीमतों पर दबाव को दर्शाता है.
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डीबीपी
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