
हरिद्वार, 15 अगस्त . भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन एनपी सिंह ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर Prime Minister Narendra Modi द्वारा एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रशिक्षण देने की घोषणा का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि एआई 21वीं सदी की सबसे तेजी से विकसित हो रही तकनीकों में से एक है, जो सामाजिक, Political और आर्थिक क्षेत्र में व्यापक बदलाव ला रही है.
हरिद्वार में एनपी सिंह ने से बातचीत में कहा कि यदि देश के युवाओं को एआई और नई तकनीकों से जुड़ा ज्ञान एवं कौशल दिया जाए तो यह India के लिए महत्वपूर्ण योगदान साबित होगा. उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड का उद्देश्य बच्चों को संस्कारों और मूल्यों के साथ-साथ 21वीं सदी के लिए जरूरी तकनीकी दक्षता और नवाचार की सोच से जोड़ना है.
उन्होंने बताया कि भारतीय शिक्षा बोर्ड ने एआई के क्षेत्र में प्रशिक्षण देने वाली एक संस्था के साथ समझौता किया है. इसके तहत विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटिंग की जानकारी देने का प्रयास किया जा रहा है. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के तहत कक्षा 9वीं और 10वीं में व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत एआई असिस्टेंट, कंप्यूटिंग, वेब डिजाइनिंग, डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों की जानकारी विद्यार्थियों को देने की दिशा में काम किया जा रहा है.
सिंह ने कहा कि इससे बच्चों में नई तकनीक के प्रति जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित होगी. आगे चलकर यही बच्चे एआई के क्षेत्र में वैज्ञानिक और विशेषज्ञ बन सकते हैं. उन्होंने कहा कि Prime Minister का विकसित India का सपना तभी साकार होगा, जब देश समय के साथ तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा.
एनपी सिंह ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को नमन किया. उन्होंने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहे हैं, वह स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के संघर्ष एवं बलिदान का परिणाम है. शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम स्वतंत्रता को आने वाली पीढ़ियों के लिए और अधिक मजबूत बनाएं. स्वतंत्रता केवल Political आजादी तक सीमित नहीं है, बल्कि तब पूरी होगी जब देश के प्रत्येक नागरिक को आर्थिक और Political संस्थाओं में निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी मिले.
सिंह ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को यह महसूस होना चाहिए कि वह राष्ट्र निर्माण में समान रूप से भागीदार है. उन्होंने देशवासियों से धर्म, क्षेत्र और भाषा से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में एकजुट होने का आह्वान किया. लोग अपनी-अपनी आस्था के अनुसार व्रत, उपवास और रोजे रखते हैं. इसी तरह 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर सभी भारतीयों को देश की मजबूती, समृद्धि और विकास के लिए सामूहिक रूप से प्रार्थना करनी चाहिए.
एनपी सिंह ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार ईश्वर से प्रार्थना करे कि India एक शक्तिशाली, सशक्त और समृद्ध राष्ट्र बने. उन्होंने कहा कि यही स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों और शहीदों के सपनों को साकार करने की दिशा में एक सार्थक कदम होगा.
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डीकेएम/डीकेपी
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