
New Delhi, 21 मई . केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने Thursday को कहा कि भारतीय कंपनियों को नवीनतम तकनीकों तक पहुंच हासिल करने के लिए अमेरिकी कंपनियों के साथ संयुक्त उपक्रम (जॉइंट वेंचर) करने की जरूरत है.
अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के वार्षिक लीडरशिप समिट को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा, “India दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि अमेरिकी कंपनियां नई तकनीकों का विकास कर रही हैं. ऐसे में भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिकी कंपनियों के साथ जॉइंट वेंचर करना बेहद जरूरी है.”
उन्होंने कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय हाईवे परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने में अमेरिकी कंपनियों से परामर्श लेने पर भी विचार कर रहा है.
गडकरी ने कहा कि लॉजिस्टिक्स में सप्लाई चेन सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है और एक्सप्रेसवे तथा आर्थिक कॉरिडोर के तेजी से विस्तार के कारण India में लॉजिस्टिक्स लागत अब एकल अंक (सिंगल डिजिट) तक पहुंच गई है.
उन्होंने बताया कि आईआईटी चेन्नई, आईआईटी Kanpur और आईआईएम Bengaluru द्वारा तैयार ताजा अध्ययन के अनुसार, एक्सप्रेसवे और आर्थिक कॉरिडोर के निर्माण से India की लॉजिस्टिक्स लागत 16 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत रह गई है.
उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोपीय देशों में लॉजिस्टिक्स लागत 12 प्रतिशत है, जबकि चीन में यह 8 से 10 प्रतिशत के बीच है.
गडकरी ने यह भी कहा कि Government अगले पांच वर्षों में India के ऑटोमोबाइल उद्योग को दुनिया में नंबर-1 बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है.
उन्होंने कहा, “जब मैंने परिवहन मंत्री का कार्यभार संभाला था, तब भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग का आकार 14 लाख करोड़ रुपये था. अब यह बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये हो गया है.”
मंत्री ने बताया कि ऑटोमोबाइल सेक्टर लगभग 4 लाख युवाओं को रोजगार देता है और केंद्र तथा राज्यों को सबसे अधिक GST भी इसी क्षेत्र से प्राप्त होता है. वर्तमान में अमेरिका का ऑटोमोबाइल उद्योग 78 लाख करोड़ रुपये का है, जबकि चीन का उद्योग 47 लाख करोड़ रुपये का है.
गडकरी ने कहा कि जीवाश्म ईंधन पर India की निर्भरता आर्थिक बोझ बन गई है, क्योंकि ईंधन आयात पर हर साल 22 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं. साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी खतरा है. इसलिए देश के विकास के लिए स्वच्छ ऊर्जा को अपनाना जरूरी है.
उन्होंने बताया कि Government ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में 10 हाईवे कॉरिडोर चिन्हित किए हैं, जहां ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रकों का संचालन किया जाएगा.
इन मार्गों में ग्रेटर नोएडा-दिल्ली-आगरा, भुवनेश्वर-पुरी-कोणार्क, Ahmedabad-वडोदरा-सूरत, साहिबाबाद-फरीदाबाद-दिल्ली, जमशेदपुर-कलिंगनगर, तिरुवनंतपुरम-कोच्चि और जामनगर-Ahmedabad हाईवे शामिल हैं.
गौरतलब है कि अमेरिकन चैंबर ऑफ़ कॉमर्स में 400 से अधिक अमेरिकी कंपनियां तथा व्यक्तिगत और मानद सदस्य शामिल हैं. India में अमेरिका के मौजूदा राजदूत इस संगठन के मानद अध्यक्ष होते हैं.
–
डीएससी
Skip to content