मॉल में भरी हुई ‘घोस्ट गन’ ले जाने पर भारतीय-कनाडाई को सजा – indias.news

टोरंटो, 7 फरवरी . देश के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के एक मॉल में भरी हुई “घोस्ट गन” ले जाने के लिए एक 23 वर्षीय भारतीय-कनाडाई को दो साल से अधिक जेल की सजा सुनाई गई है.

ओंटारियो स्थित सीटीवी न्यूज ने मंगलवार को बताया कि अरुणजीत सिंह विर्क, जिन्हें मार्च 2021 में गिरफ्तार किया गया था, पर 10 साल के लिए किसी भी सशस्त्र, प्रतिबंधित हथियार या गोला-बारूद रखने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

हाल ही में ब्रिटिश कोलंबिया प्रांतीय न्यायालय में प्रस्तुत एक सजा-पूर्व रिपोर्ट में विर्क ने स्वीकार किया कि एक व्यस्त मॉल में भरी हुई बंदूक लाना कितना खतरनाक हो सकता था.

अदालत को बताया गया कि एक पुलिस अधिकारी 28 मार्च 2021 को बर्नाबी में मेट्रोटाउन शॉपिंग सेंटर में गश्त कर रहा था, जब उसने विर्क को एक संदिग्ध ड्रग सौदे में लिप्त देखा.

जब विर्क ने अधिकारी को देखा, तो वह मॉल से निकल गया और एक टैक्सी में बैठ गया, लेकिन पुलिस ने तुरंत कैब को रोक लिया और उसे गिरफ्तार कर लिया.

न्यायाधीश रेजिनाल्ड पी. हैरिस ने कहा कि जब पुलिस ने उसके बैग की तलाशी ली, तो उन्हें एक भरी हुई पॉलिमर 80 मॉडल पीएफ940सीएल सेमी-ऑटोमैटिक हैंडगन मिली. उन्होंने कहा कि पुलिस यह पता नहीं लगा सकी कि यह बंदूक कहाँ से आई थी, क्योंकि यह एक घोस्ट गन थी.

घोस्ट गन देसी बंदूक होती हैं. इनमें कोई सीरियल नंबर नहीं होता है.

अदालत को बताया गया कि हाल ही में शादी करने वाले विर्क का जन्म और पालन-पोषण ब्रिटिश कोलंबिया के लोअर मेनलैंड में हुआ था. उसे 15 साल की उम्र में “दर्दनाक अनुभव” से गुजरना पड़ा जब उसके चाचा की मृत्यु हो गई.

उसने ऑक्सीकोडोन, मारिजुआना और शराब का सेवन शुरू कर दिया, जिसके बाद उसके माता-पिता उसकी लत छुड़वाने के लिए उसे भारत ले गए. वह एक कार्यालय सहायक के रूप में उसी ऑफिस में काम करता था, जहाँ उसकी माँ काम करती है.

सजा सुनाए जाने के समय, विर्क ने स्वीकार किया कि चीजों के इस्तेमाल के समय वह गलत निर्णय लेता है.

अदालत में प्रस्तुत एक मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन में, एक डॉक्टर ने विर्क को एक अनिर्दिष्ट मनोदशा विकार, एक असामाजिक व्यक्तित्व विकार के लक्षण और एक बहुपदार्थ उपयोग विकार का निदान किया.

डॉक्टर ने “यह निष्कर्ष नहीं निकाला या सुझाव नहीं दिया कि विर्क का अपराध उसके मानसिक स्वास्थ्य या नशीली दवाओं के उपयोग से जुड़ा था”, लेकिन डॉक्टर ने बताया कि “उसके पास सुरक्षा के लिए बंदूक थी”.

सीटीवी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, भरी हुई हैंडगन रखने के लिए अधिकतम सजा 10 साल की जेल है. अभियोजकों ने हथियार अपराध की निंदा और निवारण को प्राथमिक सजा के उद्देश्यों के रूप में उद्धृत करते हुए मामले में तीन साल की जेल की सजा की मांग की.

न्यायाधीश हैरिस ने अपने फैसले में लिखा, “मैं मानता हूं कि उसने कुछ संघर्षों का अनुभव किया है, यह निष्कर्ष निकालने के लिए अपर्याप्त सबूत हैं कि उसके मानसिक स्वास्थ्य या नशीली दवाओं के उपयोग ने उसके अपराध में योगदान दिया.”

उन्होंने कहा, “यह दुःखद है कि विर्क ने अत्यधिक सार्वजनिक क्षेत्र, अर्थात् एक मॉल के बाहरी और आंतरिक भाग में बंदूक रखने का फैसला किया.” “यह कष्टदायक है कि बन्दूक भरी हुई थी और उस पर कोई सीरियल नंबर नहीं था.”

एकेजे/