एशियन कप ब्रिज चैंपियनशिप में भारत ने 4 मेडल जीते

पणजी, 27 जून . मेजबान India ने 5वीं एशियन कप ब्रिज चैंपियनशिप में तीन सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीता. Saturday को टीम और मैच प्वाइंट फाइनल, दोनों में India का प्रदर्शन जबरदस्त रहा.

सबसे शानदार प्रदर्शन ‘इंडिया बी सीनियर्स’ टीम का रहा. यह टीम लीग स्टेज में टॉप पर रही और फिर टूर्नामेंट की सबसे यादगार जीतों में से एक जापान के खिलाफ रोमांचक सेमीफाइनल जीत हासिल करके गोल्ड मेडल फाइनल में जगह बनाई. युवा मामले और खेल मंत्रालय की तरफ मान्यता प्राप्त और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) द्वारा समर्थित इस इवेंट में, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कड़े मुकाबले के बाद टीम को आखिरकार सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा.

‘इंडिया बी सीनियर्स’ टीम में सुकमल दास, हेमंत जालान, जितेंद्र सोलानी, अनिल पाध्ये, राजेश दलाल और राजू तोलानी शामिल थे. कोच और एनपीसी एनल शाह के मार्गदर्शन में टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और फाइनल के आखिरी पलों तक खिताबी दौड़ में बनी रही.

India ने मेंस टीम चैंपियनशिप में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता, जिसमें ‘इंडिया ए’ टीम पोडियम पर रही. मैच प्वाइंट फाइनल में भी सफलता मिली, जहां सवलीन और साधना गुप्ता ने विमेंस पेयर्स में सिल्वर मेडल जीता, जबकि सुबीर मजूमदार और सुजीत कुमार भट्टाचार्जी ने सीनियर्स पेयर्स में सिल्वर मेडल हासिल किया.

टीम चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल एशिया के प्रमुख ब्रिज देशों के बीच बंटे. ऑस्ट्रेलिया ने सीनियर्स का खिताब जीता, जबकि हांगकांग चीन मेन्स इवेंट में चैंपियन बना. इंडोनेशिया ने विमेंस खिताब अपने नाम किया और चीन ने मिक्स्ड टीम्स का ताज जीता.

मैच प्वाइंट फाइनल में, वेई हो और सन वेई ली (चीनी ताइपे) ने मेंस खिताब जीता, जबकि बारबरा ट्रैविस और लोरी स्मिथ (ऑस्ट्रेलिया) ने विमेंस इवेंट में जीत हासिल की. सुक किंग चान और कोन वोंग (हांगकांग चीन) ने मिक्स्ड खिताब जीता, जबकि यंगहोंग चेंग और वेई वेई त्साओ (चीनी ताइपे) ने सीनियर्स का ताज अपने नाम किया.

India ने चैंपियनशिप के साथ आयोजित एक अतिरिक्त इवेंट, ‘फ्रेंडशिप पेयर्स’ में भी शानदार प्रदर्शन किया. अरुण बापट और अजय खरे 616.64 प्वाइंट्स के साथ चैंपियन बने, जबकि कामना शर्मा और अभिजीत पाल ने 586.82 प्वाइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया.

तीन सिल्वर मेडल और एक ब्रॉन्ज मेडल के साथ-साथ एचसीएल फ्रेंडशिप पेयर्स में गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर, मेजबान देश ने एशिया के प्रमुख ब्रिज-खेलने वाले देशों के बीच अपनी बढ़ती पहचान को और मजबूत किया.

आरएसजी