भारत-ईयू ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल बैठक के लिए ब्रुसेल्स जाएंगे शीर्ष मंत्री, एफटीए लागू करने पर रहेगा जोर: पीयूष गोयल

New Delhi, 4 जुलाई . केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव जल्द ही भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (टीटीसी) की बैठक में भाग लेने के लिए ब्रुसेल्स जाएंगे. पीयूष गोयल ने Saturday को कहा कि यह संवाद हाल ही में संपन्न भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का पूरक साबित होगा और उसके प्रभावी क्रियान्वयन में मदद करेगा.

17वें टॉय बिज इंटरनेशनल बी2बी एक्सपो के दौरान पत्रकारों से बातचीत में गोयल ने कहा कि तीनों मंत्री यूरोपीय आयोग के साथ बैठक करेंगे.

उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि यह बैठक मुक्त व्यापार समझौते का पूरक बने, जिससे एफटीए के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को दूर किया जा सके और दोनों पक्षों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके.”

गोयल ने बताया कि ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (टीटीसी) के माध्यम से India और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और मजबूत सप्लाई चेन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूती मिलेगी. साथ ही यह मंच एफटीए को प्रभावी ढंग से लागू करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

अन्य व्यापार समझौतों पर जानकारी देते हुए गोयल ने कहा कि भारत-कनाडा मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर बातचीत अच्छी प्रगति पर है. उन्होंने बताया कि भारतीय वार्ताकारों की एक टीम Monday को कनाडा रवाना होगी.

उन्होंने कहा कि Government की कोशिश है कि अगले छह महीनों के भीतर इस समझौते को अंतिम रूप दे दिया जाए.

हालांकि, पेरू के साथ प्रस्तावित एफटीए को लेकर उन्होंने संकेत दिया कि यह समझौता फिलहाल जल्द पूरा होने की संभावना नहीं है, क्योंकि India को कुछ उत्पादों को बाजार तक पहुंच देने से जुड़े मुद्दों पर आपत्तियां हैं.

वहीं, इजरायल के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर गोयल ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बावजूद बातचीत जारी है, हालांकि इसकी गति फिलहाल धीमी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि क्षेत्र की स्थिति सामान्य होने के बाद वार्ता में तेजी आएगी.

इस दौरान टॉय बिज इंटरनेशनल बी2बी एक्सपो को संबोधित करते हुए गोयल ने देश के खिलौना निर्माताओं से वैश्विक बाजारों में बढ़ते अवसरों का लाभ उठाने की अपील की. उन्होंने उद्योग से अगले चार वर्षों में खिलौनों के निर्यात को 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखने को कहा.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि Government खिलौनों के लिए अनिवार्य गुणवत्ता मानकों में किसी भी तरह की ढील नहीं देगी और भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नियम लागू रहेंगे.

डीबीपी