भारत-यूके साझेदारी को नई मजबूती: क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी सेंटर का हुआ शुभारंभ

New Delhi, 4 जून . India और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों (Narendra Modi और कीर स्टार्मर) द्वारा वर्ष 2025 में क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी स्थापित करने की घोषणा के बाद अब इस दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. Thursday को केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेटे कूपर ने संयुक्त रूप से भारत-यूके क्रिटिकल मिनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी (जीएससीओ) सैटेलाइट सेंटर का उद्घाटन किया. Thursday को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई.

इस अवसर पर Union Minister जी. किशन रेड्डी ने कहा कि यह ऑब्जर्वेटरी दुनिया भर में क्रिटिकल मिनरल्स की सुरक्षित, टिकाऊ और भरोसेमंद सप्लाई चेन विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगी. उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत तकनीकों और डिजिटल परिवर्तन के तेजी से विस्तार के साथ क्रिटिकल मिनरल्स वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनते जा रहे हैं. यह ऑब्जर्वेटरी दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल मटेरियल फ्लो मैप का प्रमुख केंद्र बनेगी.

Union Minister ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र Government वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए क्रिटिकल मिनरल्स क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. इसी उद्देश्य से 4 अरब डॉलर के नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन की शुरुआत की गई है. इस मिशन का लक्ष्य खनिजों की खोज, खनन, प्रसंस्करण, रीसाइक्लिंग और नवाचार को मजबूत बनाना है.

बयान में कहा गया कि Government क्रिटिकल मिनरल्स की रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए 18 करोड़ डॉलर की विशेष योजना भी लागू कर रही है. इसके अलावा, देश भर में 9 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं. Government औद्योगिक कचरे से मूल्यवान खनिजों की पुनर्प्राप्ति और विदेशों में खनिज संपत्तियों के विकास जैसे कदम भी उठा रही है, ताकि देश की खनिज सुरक्षा को मजबूत किया जा सके.

जी. किशन रेड्डी ने कहा कि खनिज क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए केंद्र Government कई नीतिगत सुधार कर रही है. पारदर्शी ई-नीलामी व्यवस्था के साथ-साथ निजी कंपनियों और जूनियर माइनिंग कंपनियों को भी नए अवसर दिए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि तेज मंजूरी प्रक्रियाओं और निवेश-अनुकूल नीतियों के जरिए India को खनिज क्षेत्र में निवेश के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक देशों में शामिल किया जा रहा है.

Union Minister ने ब्रिटेन की कंपनियों, निवेशकों और तकनीकी संस्थानों को India के क्रिटिकल मिनरल्स क्षेत्र में निवेश करने का आमंत्रण दिया. उन्होंने कहा कि खनिज प्रसंस्करण और खनन तकनीक में ब्रिटेन की विशेषज्ञता India के इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा, एयरोस्पेस और सेमीकंडक्टर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों के विकास को तेज गति दे सकती है.

उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह ऑब्जर्वेटरी वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त क्रिटिकल मिनरल्स इंटेलिजेंस सेंटर के रूप में विकसित होगी. यह उद्योगों, शोधकर्ताओं और निवेशकों को महत्वपूर्ण डेटा और विश्लेषण उपलब्ध कराएगी, जिससे बेहतर निर्णय लेने और नई परियोजनाओं को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी.

डीबीपी