भारत ने महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की 56 नीलामियां सफलतापूर्वक संपन्न कीं: सरकार

New Delhi, 23 जून . Government ने Tuesday को कहा कि India ने महत्वपूर्ण (क्रिटिकल) और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की 56 नीलामियां सफलतापूर्वक संपन्न कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जो देश की घरेलू खनिज आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने और India के क्रिटिकल मिनरल मिशन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

खान मंत्रालय ने केंद्र Government द्वारा आयोजित सातवें चरण की नीलामी के तहत 10 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी की है. इसके साथ ही अब तक सफलतापूर्वक नीलाम किए गए ऐसे खनिज ब्लॉकों की कुल संख्या बढ़कर 56 हो गई है.

यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि केंद्र Government द्वारा नीलामी के लिए रखे गए 88 अलग-अलग खनिज ब्लॉकों में से 56 की सफल नीलामी हुई है, जो 63 प्रतिशत से अधिक की सफलता दर को दर्शाती है.

सातवें चरण की नीलामी ने India में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और विकास के दायरे को और बढ़ाया है. पहली बार केंद्र Government ने Gujarat, उत्तराखंड और तेलंगाना में क्रिटिकल मिनरल ब्लॉकों की नीलामी की.

इस चरण में ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स (आरईई), वैनेडियम, टाइटेनियम, ग्लॉकोनाइट, रॉक फॉस्फेट और अन्य संबंधित खनिजों के ब्लॉक शामिल थे. इससे देश में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज का भौगोलिक दायरा और विस्तृत हुआ है.

सातवें चरण की नीलामी में कुल 19 खनिज ब्लॉक शामिल थे, जिनमें महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज मौजूद हैं.

यह नीलामी खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 तथा समय-समय पर संशोधित खनिज (नीलामी) नियम, 2015 के तहत आयोजित की गई.

क्रिटिकल मिनरल ब्लॉकों की नीलामी के साथ-साथ खान मंत्रालय ने एक्सप्लोरेशन लाइसेंस (ईएल) नीलामी के दूसरे चरण को भी सफलतापूर्वक पूरा किया है, जिससे India के खनिज अन्वेषण तंत्र को और मजबूती मिली है.

दूसरे चरण में पहली बार केंद्र Government ने अरुणाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और Odisha में एक्सप्लोरेशन लाइसेंस ढांचे का विस्तार किया. इससे महत्वपूर्ण और गहराई में मौजूद खनिजों की खोज के लिए नए अवसर खुलेंगे.

Government ने बताया कि दूसरे चरण की सफल नीलामी के बाद एक्सप्लोरेशन लाइसेंस व्यवस्था लागू होने के बाद केंद्र Government द्वारा सफलतापूर्वक नीलाम किए गए एक्सप्लोरेशन लाइसेंस ब्लॉकों की कुल संख्या 11 हो गई है.

एक्सप्लोरेशन लाइसेंस व्यवस्था का उद्देश्य महत्वपूर्ण और गहराई में मौजूद खनिजों की व्यवस्थित खोज को बढ़ावा देना है, जिसके तहत निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को खनिज अन्वेषण में भाग लेने का अवसर मिलता है.

डीबीपी