प्राइवेट स्पेस सेक्टर में इतिहास रचने को तैयार भारत, पहला निजी कक्षीय रॉकेट ‘विक्रम-1’ होगा लॉन्च

New Delhi, 18 जुलाई . हैदराबाद स्थित अंतरिक्ष स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस Saturday को अपने पहले कक्षीय प्रक्षेपण यान ‘विक्रम-1’ के प्रक्षेपण के साथ India के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने की ओर अग्रसर है.

‘आगमन’ नामक इस मिशन का प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी-एसएचएआर) के प्रथम प्रक्षेपण पैड से Saturday सुबह 11:30 बजे निर्धारित है.

विक्रम-1 की इस परीक्षण उड़ान के साथ India के वैश्विक निजी कक्षीय प्रक्षेपण बाजार में प्रवेश की उम्मीद है. पूरी तरह एक भारतीय निजी कंपनी द्वारा विकसित विक्रम-1 देश का पहला निजी निर्मित कक्षीय प्रक्षेपण यान है. इसे India की वाणिज्यिक अंतरिक्ष क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

प्रक्षेपण से पहले स्काईरूट एयरोस्पेस ने कहा कि मिशन के लिए आवश्यक सभी हवाई और समुद्री क्षेत्र से जुड़ी अनुमतियां प्राप्त कर ली गई हैं. रॉकेट के उड़ान मार्ग और संभावित प्रभाव क्षेत्र के अनुरूप प्रतिबंधित हवाई तथा समुद्री क्षेत्रों को भी अधिसूचित कर दिया गया है.

मिशन ‘आगमन’ 18 नवंबर, 2022 को विक्रम-एस सबऑर्बिटल रॉकेट के सफल प्रक्षेपण के बाद स्काईरूट एयरोस्पेस का दूसरा अंतरिक्ष मिशन होगा.

इस मिशन के तहत Prime Minister Narendra Modi के हस्तलिखित ‘वंदे मातरम’ संदेश वाला एक पोस्टकार्ड भी विक्रम-1 प्रक्षेपण यान के साथ भेजा जाएगा. स्काईरूट एयरोस्पेस के अनुसार, Prime Minister का यह हस्तलिखित संदेश परीक्षण उड़ान में शामिल विशेष पेलोडों में से एक होगा.

कंपनी ने बताया कि मिशन में स्काईरूट टीम के सदस्यों, निवेशकों, नीति-निर्माताओं और दुनिया भर के शुभचिंतकों के हस्तलिखित संदेश भी शामिल किए गए हैं. कंपनी ने इसे “कई हाथों से मनाया गया और लाखों लोगों द्वारा साझा किया गया एक उत्सव” बताते हुए कहा कि ये स्मृति-चिह्न India के उभरते प्राइवेट स्पेस इकोसिस्टम के प्रति सामूहिक समर्थन और आकांक्षाओं का प्रतीक हैं.

कंपनी के अनुसार, ये प्रतीकात्मक पेलोड उस साझा दृष्टि और सहयोगात्मक प्रयासों को भी दर्शाते हैं, जिन्होंने अंतरिक्ष अन्वेषण और नवाचार के क्षेत्र में India के नए दौर को आकार देने में योगदान दिया है.

स्काईरूट एयरोस्पेस का मानना है कि विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण India की निजी अंतरिक्ष कंपनियों की तकनीकी क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करेगा और वाणिज्यिक उपग्रह प्रक्षेपण बाजार में नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा.

एएस