भारत-नेपाल की युवा परंपरा काफी पुरानी, जेनजी बदलाव के नायक : संदीप राणा

Mumbai , 27 जुलाई . भारत-नेपाल के साझा इतिहास, युवाओं की भूमिका और मौजूदा पीढ़ी की चुनौतियों पर नेपाली सांसद संदीप राणा ने अपनी राय रखी. Monday को Mumbai में से बात करते हुए उन्होंने कहा कि युवा शक्ति दोनों देशों के विकास और बदलाव की अहम ताकत रही है, लेकिन नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सभ्यता और इतिहास से भी जुड़े रहना चाहिए.

नेपाली सांसद संदीप राणा ने कहा क‍ि India और नेपाल में युवा वाली प्रथा अभी शुरू नहीं हुई है. यह बहुत पहले से चली आ रही है. दोनों देश आज बनकर तैयार हुए देश नहीं हैं, दोनों की सभ्‍यता बहुत पुरानी है. अगर आप देखें क‍ि वीर श‍िवाजी ने अपनी युवा अवस्‍था में ही अपना पहला क‍िला फतह क‍िया था. वहीं, हमारे नेपाल में पृथ्‍वी नारायण शाह ने जब नेपाल एकीकरण की शुरुआत की तब वे भी युवा अवस्‍था में ही थे. हमारे दोनों देशों का जो गौरवमयी इत‍िहास है, इसे बनाने वाले हमारे पूर्वजों ने भी अपनी युवा अवस्‍था में बदलाव की तैयारी की थी.

उन्होंने कहा कि आज जो जेन-जी हैं, India और नेपाल में उनको कई जरूरी चीजें हासिल करने के साथ-साथ अपने इतिहास भी याद रखना चाहिए. हमारी सभ्यता एक है और संस्कृति बहुत पुरानी है. हम उन बातों को नकार नहीं सकते.

पेरर लीक और करप्‍शन पर बात करते हुए सांसद संदीप राणा ने कहा क‍ि करप्शन तो कभी भी नहीं होना चाहिए. यह सिर्फ जेन-जी का विषय नहीं है, यह सभी का विषय है. करप्शन कभी भी अच्छी बात नहीं है और यह किसी भी पीढ़ी में नहीं होनी चाहिए, चाहे वह ‘जेन-जी’ हो, ‘अल्‍फा’ हो या ‘बीटा’ हो.

उन्‍होंने बताया क‍ि हमारे पूर्वजों ने भी कहा है कि कभी करप्शन नहीं करना चाहिए. हमारे यहां कहा जाता है, ‘घूस लेना और देना दोनों अपराध हैं.’ इसीलिए करप्शन कभी भी अच्छी बात नहीं है. जहां तक पेपर लीक की बात है, स्टूडेंट काफी मेहनत के साथ पढ़ाई करते हैं. सिर्फ नेपाल और India में ही नहीं, विश्व में कहीं भी पेपर लीक नहीं होने चाहिए. ऐसा सिस्टम बनाना चाहिए. जहां तक पेपर लीक को लेकर हुए आंदोलन की बात है, तो इसे न‍ियंत्र‍ित करने के ल‍िए India Government ने अपने हिसाब से काम किया है, और नेपाल Government ने अपने हिसाब से काम किया है.

एवाई/एबीएम