भारत-ईयू एफटीए से बढ़ेंगे सहयोग के अवसर, जर्मनी के सांसदों से राजदूत गुप्ते की अहम बातचीत

बर्लिन, 13 जुलाई . जर्मनी में India के राजदूत अजीत गुप्ते और जर्मन संसद (बुंडेस्टाग) के सदस्य व भारत-जर्मनी संसदीय मैत्री समूह के उपाध्यक्ष डर्क वीजे ने दोनों देशों के बीच बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की.

बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “राजदूत अजीत गुप्ते ने दस जुलाई 2026 को बुंडेस्टाग सदस्य और भारत-जर्मनी संसदीय मैत्री समूह के उपाध्यक्ष डर्क वीजे से मुलाकात की. इस दौरान भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने, संसदों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने और India के राज्यों तथा जर्मनी के संघीय राज्यों (लैंडर) के बीच सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई.”

राजदूत अजीत गुप्ते ने बुंडेस्टाग सदस्य और ट्रांसअटलांटिक समन्वयक मेटिन हकवेर्डी से भी मुलाकात की. इस बैठक में भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से मिलने वाले अवसरों पर चर्चा हुई.

दूतावास ने ‘एक्स’ पर बताया, “राजदूत अजीत गुप्ते ने 9 जुलाई 2026 को बुंडेस्टाग सदस्य और ट्रांसअटलांटिक समन्वयक मेटिन हकवेर्डी से मुलाकात की. बातचीत में भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने, भारत-ईयू एफटीए के अवसरों का इस्तेमाल करने, बढ़ते रक्षा और सुरक्षा सहयोग तथा वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई.”

पिछले महीने Prime Minister Narendra Modi ने फ्रांस के एवियां में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से मुलाकात की थी. इस बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को और बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की.

विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत-जर्मनी संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और India की यात्रा तथा इस साल की शुरुआत में भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत पूरी होने के बाद रणनीतिक साझेदारी में आई नई गति पर संतोष जताया.

साल 2026 में India और जर्मनी के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे हो रहे हैं. इस मौके पर Prime Minister मोदी और चांसलर मर्ज ने व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, हरित व सतत विकास, तकनीक, नवाचार, शिक्षा और लोगों की आवाजाही जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.

इस साल दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात थी. उन्होंने रक्षा उद्योग सहयोग रोडमैप पर हस्ताक्षर और जर्मनी से होकर यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए ट्रांजिट वीजा छूट की शुरुआत का भी स्वागत किया.

चांसलर मर्ज़ ने Prime Minister मोदी को इस साल के अंत में जर्मनी में होने वाली 8वीं भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी वार्ता (आईजीसी) में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया.

एवाई/डीकेपी