
New Delhi, 20 जुलाई . India ने अपनी पहली डेंगू वैक्सीन को मंज़ूरी दे दी है. Monday को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने टेकेडा बायोफार्मास्युटिकल्स इंडिया की ‘क्यूडेंगा’ को बाजार में लाने की मंजूरी दे दी है.
इस वैक्सीन को 4 से 60 साल की उम्र के लोगों के लिए मंजूरी दी गई है और इसे किसी भी व्यक्ति को लगाया जा सकता है, चाहे उसे पहले डेंगू हुआ हो या नहीं. डेंगू की कुछ पुरानी वैक्सीन के उलट ‘क्यूडेंगा’ के लिए वैक्सीन लगाने से पहले किसी जांच की जरूरत नहीं होती है. इससे योग्य लोग बिना यह पता लगाए कि उन्हें पहले डेंगू हुआ था या नहीं, वैक्सीन लगवा सकते हैं.
टेकेडा ने कहा कि यह मंजूरी India की डेंगू रोकथाम रणनीति को मजबूत करेगी, ऐसे समय में जब देश दुनिया में डेंगू के सबसे ज्यादा मामलों वाले देशों में से एक है और कई इलाकों में डेंगू वायरस के चारों सीरोटाइप फैल रहे हैं.
टेकेडा में इंटरकॉन्टिनेंटल मार्केट्स के हेड महेंद्र नायक ने कहा, “2022 में लॉन्च होने के बाद से, ‘क्यूडेंगा’ को 43 देशों में मंजूरी मिल चुकी है और दुनिया भर में इसकी 32 मिलियन से ज्यादा डोज बांटी जा चुकी हैं. यह मंजूरी India में डेंगू की रोकथाम को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है.”
कंपनी ने कहा कि इस मंजूरी को उसके ग्लोबल क्लिनिकल डेवलपमेंट प्रोग्राम के सबूतों का समर्थन मिला है. इस प्रोग्राम में डेंगू-प्रभावित और गैर-प्रभावित देशों के 28,000 से ज्यादा लोगों पर 19 फेज वन, टू और थ्री क्लिनिकल ट्रायल किए गए थे.
भारतीय रेगुलेटर ने India में किए गए फेज थ्री डेन-302 क्लिनिकल ट्रायल के डेटा पर भी विचार किया. इस ट्रायल में 4 से 60 साल की उम्र के लोगों में वैक्सीन की सुरक्षा और इम्यून रिस्पॉन्स का मूल्यांकन किया गया था.
टेकेडा के अनुसार, सात साल तक इकट्ठा किए गए लॉन्ग-टर्म फॉलो-अप डेटा से पता चला है कि ‘क्यूडेंगा’ डेंगू संक्रमण और वायरस के चारों सीरोटाइप से होने वाले डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति से सुरक्षा देती है. यह वैक्सीन 0.5 एमएल के दो सबक्यूटेनियस इंजेक्शन के तौर पर दी जाती है, जिनके बीच तीन महीने का अंतर होता है.
टेकेडा के साउथ-ईस्ट एशिया और इंडिया क्लस्टर के मेडिकल अफेयर्स हेड गो चू बेंग ने कहा कि यह वैक्सीन वायरस के संपर्क में पहले आने या न आने की परवाह किए बिना, डेंगू वायरस के चारों सीरोटाइप से सुरक्षा देने के लिए बनाई गई है. उन्होंने कहा, “इसकी मंजूरी वेक्टर कंट्रोल, निगरानी, कम्युनिटी अवेयरनेस और अन्य पब्लिक हेल्थ उपायों के साथ-साथ डेंगू की रोकथाम के लिए India के व्यापक दृष्टिकोण को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है.”
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एसडी/पीएम
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