वैश्विक तेल अनिश्चितता के बीच भारत और वेनेजुएला ऊर्जा साझेदारी की मजबूती के लिए बढ़ रहे आगे

New Delhi, 6 जून . हाल ही में वेनेजुएला की कार्यवाहक President डेल्सी एलोइना रेड्रिगेज गोमेज India के दौरे पर पहुंची थी, जहां उन्होंने देश के Prime Minister Narendra Modi और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर समेत अन्य शीर्ष लोगों से मुलाकात की.

डेल्सी के दौरे के बाद एक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि India और वेनेजुएला ऊर्जा सहयोग को और गहरा करने के तरीके खोज रहे हैं. दोनों देश बदलते ग्लोबल ऑयल मार्केट डायनामिक्स का फायदा उठाना चाहते हैं और हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में लंबे समय के जुड़ाव को मजबूत करना चाहते हैं.

मॉडर्न डिप्लोमेसी की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने वेनेजुएला की अंतरिम President डेल्सी रोड्रिगेज से कहा कि भारतीय कंपनियां वेनेजुएला के तेल और गैस उद्योग में अपनी भागीदारी बढ़ाने को तैयार हैं.

यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है, जब इस साल की शुरुआत में पाबंदियों में ढील के बाद आयात फिर से शुरू होने के बाद India एक बार फिर वेनेजुएला के कच्चे तेल का एक बड़ा खरीदार बनकर उभरा है. इसमें कहा गया है कि नई खरीदारी से वेनेजुएला को India के जरूरी कच्चे तेल के सप्लायरों में फिर से अपनी जगह बनाने में मदद मिली है.

कार्यवाहक President रोड्रिगेज का India दौरा वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश लाने और स्पॉट खरीद पर ज्यादा निर्भर रहने के बजाय लंबे समय के सप्लाई अरेंजमेंट तलाशने पर फोकस है. रोड्रिगेज के हालिया India दौरे पर सरकारी अधिकारियों और ऊर्जा उद्योग के अधिकारियों के साथ मीटिंग शामिल रहा.

यह बढ़ता जुड़ाव India की क्रूड ऑयल की खरीद में विविधता लाने की बड़ी रणनीति को दिखाता है, क्योंकि पश्चिम एशिया में भू-Political अनिश्चितताओं और तनावों से सप्लाई में रुकावट और कीमतों में उतार-चढ़ाव को लेकर चिंता बनी हुई है.

वेनेजुएला के लिए, India के साथ करीबी सहयोग वर्षों के बैन, घटते प्रोडक्शन और कम निवेश के बाद अपने तेल क्षेत्र को फिर से खड़ा करने का मौका देता है.

रिपोर्ट में जिक्र है कि भारतीय कंपनियों की बढ़ी हुई भागीदारी से उत्पादन क्षमता बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने और स्थिर एक्सपोर्ट मार्केट बनाने की कोशिशों को मदद मिल सकती है.

इसके अलावा, यह बढ़ती साझेदारी इस बात पर जोर देती है कि कैसे उभरती अर्थव्यवस्थाएं आर्थिक और रणनीतिक हितों से प्रेरित होकर प्रैक्टिकल ऊर्जा संबंधों को तेजी से अपना रही हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, इंडस्ट्री के जानकारों का मानना ​​है कि सहयोग आखिरकार क्रूड ऑयल की खरीद से आगे बढ़कर अपस्ट्रीम एक्सप्लोरेशन, प्रोडक्शन साझेदारी, रिफाइनिंग के मौके और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट तक बढ़ सकता है.

इसमें आगे बताया गया है कि भविष्य की तरक्की कई बातों पर निर्भर करेगी, जिसमें ग्लोबल तेल की कीमतें, वेनेजुएला में Political घटनाक्रम और अमेरिकी बैन नीति में बदलाव शामिल हैं.

दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग बढ़ाने के मकसद से बातचीत जारी रहने की उम्मीद है, क्योंकि India ज्यादा सप्लाई सुरक्षा चाहता है और वेनेजुएला नया निवेश लाना चाहता है.

एबीएम