भारत और सिंगापुर ने समुद्री सुरक्षा पर बढ़ाया रक्षा सहयोग, नौसेनाओं के बीच हुआ विशेषज्ञ संवाद

सिंगापुर, 30 जून . भारतीय नौसेना और सिंगापुर की नौसेना ने Tuesday को समुद्री निगरानी विमान के संचालन से जुड़े विषयों पर सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट एक्सचेंज (एसएमईई) कार्यक्रम में हिस्सा लिया. यह कार्यक्रम भारतीय नौसेना के पी-8आई (पोसीडॉन-8 इंडिया) विमान के सिंगापुर के पाया लेबार एयरबेस दौरे के दौरान आयोजित किया गया.

India और सिंगापुर ने समुद्री सुरक्षा पर बढ़ाया रक्षा सहयोग, नौसेनाओं के बीच हुआ विशेषज्ञ संवाद

सिंगापुर में भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्‍ट पर लिखा, “India और सिंगापुर के बीच रक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है. भारतीय नौसेना और सिंगापुर की नौसेना के विशेषज्ञों ने पी-8 आई विमान के पाया लेबार एयरबेस पहुंचने के दौरान समुद्री निगरानी विमान के संचालन पर एसएमईई कार्यक्रम में भाग लिया.”

पोस्ट में आगे कहा गया, “इस कार्यक्रम में समुद्री निगरानी की क्षमताओं, काम करने के तरीकों, प्रशिक्षण और बेहतर प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. यह दोनों देशों के मजबूत और लंबे समय से चले आ रहे रक्षा सहयोग को दिखाता है.”

पिछले हफ्ते सिंगापुर के India में उच्चायुक्त साइमन वोंग ने India के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि से मुलाकात की. दोनों ने India और सिंगापुर की सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास, आपसी आदान-प्रदान और पहले से चल रहे संवाद जैसे रक्षा सहयोग के मुद्दों पर चर्चा की.

इस मुलाकात के दौरान साइमन वोंग ने जनरल सुब्रमणि को सीडीएस बनने पर बधाई भी दी.

उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “Tuesday को भारतीय सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन एस राजा सुब्रमणि से मुलाकात हुई. उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी. हमने दोनों देशों की सेनाओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा सहयोग, बड़े सैन्य अभ्यासों, आदान-प्रदान और नियमित बैठकों पर बात की. साथ ही, जनरल सुब्रमणि के नेतृत्व में इस साझेदारी को और मजबूत बनाने के बारे में भी विचार साझा किए.”

पिछले महीने सिंगापुर में भारत-सिंगापुर रक्षा नीति वार्ता का 16वां दौर आयोजित हुआ. इसमें India के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और सिंगापुर के रक्षा मंत्रालय के स्थायी सचिव जोसेफ लिओंग ने संयुक्त रूप से बैठक की अध्यक्षता की.

दोनों अधिकारियों ने अब तक हुए रक्षा सहयोग की समीक्षा की और सैन्य सहयोग, रक्षा उद्योग, क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की.

इसके अलावा, दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने और आपसी हित वाले नए क्षेत्रों, खासकर रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने के नए अवसरों पर भी बातचीत हुई.

एवाई/डीकेपी