
New Delhi, 14 जुलाई . India और पोलैंड कुछ रक्षा प्लेटफॉर्म (सैन्य उपकरणों और प्रणालियों) का निर्माण India में करने की संभावनाओं पर बातचीत कर रहे हैं. पोलैंड के उप विदेश मंत्री और सेक्रेटरी ऑफ स्टेट व्लादिस्लाव थियोफिल बार्टोसजेव्स्की ने Tuesday को यह जानकारी दी.
बार्टोसजेव्स्की ने से बातचीत में कहा, “India उन खास रक्षा प्लेटफॉर्म में रुचि रखता है, जिन्हें हम बनाते हैं. हम इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि इन्हें India में कुछ भारतीय हिस्सेदारी के साथ कैसे बनाया जा सकता है. साथ ही, हम यह भी देख रहे हैं कि कुछ भारतीय प्लेटफॉर्म को पोलैंड में पोलिश भागीदारी के साथ जॉइंट वेंचर के जरिए बनाया जा सकता है.”
उन्होंने कहा, “मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए हम सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में अपना सहयोग बढ़ाना चाहते हैं. हम केवल रक्षा उपकरण बेचने की बात नहीं कर रहे, बल्कि India में कुछ चीजों के उत्पादन के लिए मिलकर कंपनियां शुरू करने की संभावनाओं पर भी चर्चा कर रहे हैं. हम Prime Minister Narendra Modi के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को समझते हैं और चाहते हैं कि इन प्लेटफॉर्म में भारतीय और पोलिश दोनों देशों की भागीदारी हो.”
पोलैंड के मंत्री ने India और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के महत्व पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि इससे दोनों पक्षों के बीच व्यापार को काफी बढ़ावा मिलेगा.
उन्होंने कहा कि दो साल पहले Prime Minister मोदी की पोलैंड यात्रा के दौरान हमने रणनीतिक साझेदारी पर सहमति बनाई थी. अब इसे लागू करने के लिए एक कार्य योजना तैयार है. सबसे पहले, हम इस बात से खुश हैं कि India ने यूरोपीय संघ के साथ विदेशी व्यापार समझौता किया है, जिससे व्यापार में हमारी भागीदारी बढ़ेगी.
यूरोप में बदलते सुरक्षा हालात और रक्षा क्षेत्र पर इसके असर के बारे में बात करते हुए बार्टोसजेव्स्की ने कहा कि पोलैंड India को अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने वाले प्रोजेक्ट्स में एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखता है.
उन्होंने कहा कि India ने अपनी रक्षा इंडस्ट्री को कभी कमजोर नहीं होने दिया, क्योंकि आपकी स्थिति अलग थी. लेकिन पोलैंड और बाकी यूरोप में पिछले 30 वर्षों से यह माना जा रहा था कि युद्ध नहीं होगा, इसलिए रक्षा क्षमता और हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों पर पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं है. अब स्थिति काफी बदल गई है. हम ऐसे प्रोजेक्ट्स में तेजी से काम कर रहे हैं, कई बार अपने साझेदारों के साथ, और India निश्चित रूप से उनमें से एक साझेदार होगा.”
उन्होंने बताया कि पोलैंड इस साल के अंत में कई हथियार बनाने वाली कंपनियों और रक्षा क्षेत्र की फर्मों के साथ India वापस आने की उम्मीद कर रहा है. इनमें से कुछ कंपनियां पहले से ही India में मौजूद हैं.
Monday को बार्टोसजेव्स्की ने विदेश मंत्रालय (एमईए) में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज से मुलाकात की. इस बैठक में भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी में बढ़ती गति, Political और आर्थिक सहयोग, तकनीक, रक्षा, सांस्कृतिक संबंध, वैश्विक आतंकवाद से लड़ाई और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई.
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एवाई/डीकेपी
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