चीन को चौतरफा घेरने की तैयारी में भारत और अमेरिका


नई दिल्ली (New Delhi) . क्वाड के विस्तार को लेकर आने वाले दिनों में अमेरिका और भारत के बीच बात हो सकती है. सदस्यता से इतर ये विस्तार रणनीतिक मुद्दों पर हो सकता है. मसलन मुद्दों के आधार पर क्वाड अन्य देशों से सहयोग बढ़ाएगा. खासतौर पर आसियान देशों से सहयोग का विस्तार किया जाएगा. क्वाड में भारत के अलावा अमेरिका, जापान व ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. चीन क्वाड को अपने खिलाफ मानता है. सूत्रों के मुताबिक, दक्षिण चीन सागर में समान हित रखने वाले देशों को चीन की विस्तारवादी रणनीति से आगाह करते हुए उनके बीच इनपुट साझा करने, उनके ढांचागत तंत्र को मजबूती सहित अन्य मुद्दों पर आने वाले दिनों में समझ बढ़ेगी. क्वाड की रणनीति में छोटे आइलैंड देशों का सहयोग और आसियान देशों के साथ समझ बढ़ाना शामिल है. चीन के मनमाने व्यवहार के खिलाफ ये गठजोड़ आने वाले दिनों में और भी व्यापक होगा. क्वाड शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण आधारभूत ढांचा निर्माण में साझेदारी, वैक्सीन निर्माण व वितरण में सहयोग, साइबर सुरक्षा, सहित अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को अन्य देशों तक विस्तारित करेगा. एक दूसरे की जरूरतों के मद्देनजर रणनीतिक सहयोग का दायरा भी बढ़ाया जाएगा. ईयू से भी व्यापारिक मुद्दों पर तालमेल बढ़ाया जाएगा. सप्लाई चेन पर भारत की विशेष निगाह है. भारत चाहता है कि क्वाड सहित अन्य देश चीन की वैकल्पिक सप्लाई चेन तैयार करने की मुहिम में साथ शामिल हों. सूत्रों ने कहा कि क्वाड का विस्तार ज्यादातर गैर सैन्य मुद्दों पर ही होगा. लेकिन ये रणनीतिक लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होगा. चीन की सीधी घेराबंदी के बजाय व्यापार को केंद्र में रखते हुए सहयोग का दायरा बढ़ाया जाएगा.

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